Parliament Monsoon Session 2026: मानसून सत्र में पेश हो सकते हैं 7 बड़े बिल, FCRA संशोधन और शिक्षा अधिष्ठान विधेयक पर रहेगी नजर

Parliament Monsoon Session 2026: संसद का मानसून सत्र 2026 जुलाई के अंतिम सप्ताह में शुरू होने की संभावना है। इस सत्र में केंद्र सरकार पांच नए विधेयक (Bills) पेश कर सकती है, जबकि दो लंबित विधेयकों पर भी चर्चा और विचार किए जाने की संभावना है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित विधायी एजेंडे पर सत्र शुरू होने से पहले होने वाली सर्वदलीय बैठक (All-Party Meeting) में राजनीतिक दलों से चर्चा की जाएगी।
सरकार जिन विधेयकों को संसद में लाने की तैयारी कर रही है, उनमें न्यायपालिका, कर व्यवस्था, शिक्षा, MSME सेक्टर और राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े महत्वपूर्ण बदलाव शामिल हैं।
संसद में कौन-कौन से नए बिल पेश होंगे?
सरकार इस मानसून सत्र में पांच नए विधेयक पेश कर सकती है। इनमें दो विधेयक ऐसे हैं जो पहले जारी किए गए अध्यादेशों (Ordinances) का स्थान लेंगे।
प्रस्तावित विधेयकों में शामिल हैं—
- Income Tax (Amendment) Bill, 2026
- Supreme Court (Number of Judges) Amendment Bill, 2026
- Registration of Births and Deaths (Amendment) Bill
- Prevention of Insults to National Honour (Amendment) Bill
- MSME Development (Amendment) Bill
इनकम टैक्स संशोधन बिल में क्या है खास?
Income Tax (Amendment) Bill, 2026 का उद्देश्य भारत के सॉवरेन डेट मार्केट (Sovereign Debt Market) को मजबूत करना है। इसके तहत कुछ विदेशी निवेशकों को सरकारी बॉन्ड पर होने वाले कैपिटल गेन टैक्स से छूट देने का प्रस्ताव है।
सरकार का मानना है कि इससे विदेशी निवेश बढ़ेगा और सरकारी बॉन्ड बाजार को मजबूती मिलेगी।
सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या क्यों बढ़ाई जा रही है?
सरकार Supreme Court (Number of Judges) Amendment Bill, 2026 के जरिए सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाना चाहती है।
इस विधेयक के तहत मुख्य न्यायाधीश (CJI) को छोड़कर जजों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 करने का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य अदालतों में लंबित मामलों का तेजी से निपटारा करना और न्यायिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है।
जन्म और मृत्यु पंजीकरण कानून में क्या बदलाव होंगे?
सरकार Registration of Births and Deaths Act में संशोधन कर जन्म और मृत्यु के विलंबित पंजीकरण (Delayed Registration) के नियमों को और सख्त बनाने की तैयारी में है।
इस बदलाव का उद्देश्य रिकॉर्ड प्रणाली को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है।
राष्ट्रीय सम्मान कानून में क्या होगा संशोधन?
Prevention of Insults to National Honour Act में भी संशोधन प्रस्तावित है। इसके तहत राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और अन्य राष्ट्रीय प्रतीकों के अपमान से जुड़े मामलों में अधिक कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किया जा सकता है।
MSME सेक्टर को कैसे मिलेगा फायदा?
सरकार MSME Development (Amendment) Bill के जरिए छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए कारोबार करना आसान बनाना चाहती है।
इस विधेयक में MSME इकाइयों को भुगतान में होने वाली देरी की समस्या दूर करने और भुगतान प्रणाली को अधिक मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया है।
किन लंबित विधेयकों पर होगी चर्चा?
मानसून सत्र में दो महत्वपूर्ण लंबित विधेयकों पर भी चर्चा होने की संभावना है—
- Foreign Contribution (Regulation) Amendment Bill, 2026 (FCRA Amendment Bill)
- Viksit Bharat Education Establishment Bill, 2025
इन दोनों विधेयकों को पहले पेश किया जा चुका है, लेकिन अभी तक संसद से मंजूरी नहीं मिल सकी है।
शिक्षा व्यवस्था में क्या बदलाव लाएगा Viksit Bharat Education Establishment Bill?
Viksit Bharat Education Establishment Bill, 2025 का उद्देश्य देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाना है।
यदि यह विधेयक पारित होता है, तो UGC, AICTE और NCTE की जगह एक एकीकृत उच्च शिक्षा नियामक (Unified Higher Education Regulator) स्थापित किया जाएगा। इससे उच्च शिक्षा संस्थानों के नियमन को सरल और अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया जाएगा।
कौन से बड़े विधेयक अभी एजेंडे में शामिल नहीं हैं?
सरकारी सूत्रों के अनुसार, सीमांकन (Delimitation) और महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयकों को फिलहाल मानसून सत्र के एजेंडे में शामिल नहीं किया गया है।
माना जा रहा है कि सरकार इन महत्वपूर्ण विधेयकों को पेश करने से पहले संसद में आवश्यक दो-तिहाई बहुमत सुनिश्चित करना चाहती है।
मानसून सत्र 2026 में पेश होने वाले ये प्रस्तावित विधेयक न्यायपालिका, शिक्षा, कर व्यवस्था, उद्योग और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई अहम बदलावों का रास्ता खोल सकते हैं। ऐसे में इस सत्र पर देशभर की नजरें टिकी रहेंगी।





