Sonam Wangchuk Hunger Strike: समय रैना ने किया सपोर्ट, 19वें दिन भी अनशन जारी

Sonam Wangchuk Hunger Strike: शिक्षा सुधार और जलवायु संरक्षण से जुड़े मुद्दों को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक ने अपना अनशन जारी रखने का फैसला किया है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर उनका अनशन गुरुवार को 19वें दिन में प्रवेश कर गया। इस बीच उनकी सेहत को लेकर चिंता बढ़ी है, हालांकि उन्होंने कहा कि उनकी मेडिकल रिपोर्ट फिलहाल सामान्य है और वह अभी कई दिनों तक अनशन जारी रख सकते हैं।
‘अभी मेरी हालत ऐसी नहीं कि दो-चार दिन में मौत हो जाए’
बुधवार रात जारी एक वीडियो संदेश में सोनम वांगचुक ने कहा कि उन्हें देशभर से हजारों संदेश मिल रहे हैं, जिनमें लोग उनसे अनशन खत्म करने की अपील कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “कई वरिष्ठ नेता मुझसे मिलने आए और प्यार व चिंता के साथ अनशन खत्म करने की बात कही। कुछ लोगों ने तो अदालत का भी दरवाजा खटखटाया ताकि मुझे खाना खिलाने के निर्देश दिए जा सकें।”
वांगचुक ने स्पष्ट किया कि उनकी मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति इतनी गंभीर नहीं है कि अगले कुछ दिनों में जान का खतरा हो।
मेडिकल रिपोर्ट पर क्या बोले वांगचुक?
सोनम वांगचुक ने बताया कि पिछले 18 दिनों के दौरान उनके कई मेडिकल टेस्ट किए गए हैं और सभी रिपोर्ट सामान्य आई हैं।
उन्होंने कहा, “ईसीजी भी कराया गया है और उसकी रिपोर्ट ठीक है। मैं अभी कई दिनों तक अनशन जारी रख सकता हूं।”
मेडिकल बुलेटिन में क्या कहा गया?
CJP की ओर से जारी मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, सोनम वांगचुक काफी कमजोर महसूस कर रहे हैं और उनकी 24 घंटे मेडिकल निगरानी की जा रही है।
बुलेटिन के मुताबिक, उनका वजन घटकर 57.15 किलोग्राम रह गया है। हालांकि, अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेतक फिलहाल स्थिर बताए गए हैं।
समय रैना ने भी जताया समर्थन
स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना ने भी सोनम वांगचुक के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा की।
उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी पर वांगचुक की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “उम्मीद करता हूं कि वह ठीक हों और यह मामला जल्द बातचीत के जरिए सुलझ जाए।”
लगातार बढ़ रहा समर्थन
सोनम वांगचुक के अनशन को लेकर देशभर से समर्थन मिल रहा है। कई सामाजिक कार्यकर्ता, राजनीतिक नेता और आम लोग उनसे अनशन समाप्त करने की अपील कर रहे हैं। वहीं, वांगचुक का कहना है कि उनकी लड़ाई शांतिपूर्ण संवाद और जनहित के मुद्दों के लिए है और जब तक सार्थक समाधान नहीं निकलता, वह अपना आंदोलन जारी रखेंगे।





