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होर्मुज़ से रेड सी तक बढ़ा युद्ध, अमेरिका-ईरान संघर्ष ने दुनिया की बढ़ाई चिंता

US-Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष लगातार गहराता जा रहा है। शुक्रवार को अमेरिका ने लगातार छठी रात ईरान पर हवाई हमले किए। ईरानी मीडिया के अनुसार, दक्षिणी बंदरगाह शहर बंदर खमीर (Bandar Khamir) में दो प्रमुख पुलों पर हुए हमलों में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई। वहीं, दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव का असर पूरे मध्य पूर्व (Middle East) में दिखाई दे रहा है।

बंदर खमीर में पुलों पर अमेरिकी हमला

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी हवाई हमलों में गेर्यवेह ब्रिज और काहूरेस्तान ब्रिज को निशाना बनाया गया। ये दोनों पुल बंदर अब्बास को शिराज से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्ग हैं। इसके अलावा ईरान के कुछ रेलवे स्टेशन और हवाई अड्डों पर भी हमलों की खबरें सामने आई हैं।

ईरानी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, हालिया अमेरिकी हमलों में अब तक 38 लोगों की मौत और 400 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं।

ईरान का पलटवार, कई देशों में हमले

अमेरिकी कार्रवाई के जवाब में ईरान ने मिसाइल और ड्रोन के जरिए क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और सहयोगी देशों को निशाना बनाया। जॉर्डन, कतर और बहरीन ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम से कई मिसाइलों को हवा में ही मार गिराने का दावा किया।

कुवैत ने भी बताया कि ईरानी हमले में एक बिजली और जल शोधन संयंत्र को नुकसान पहुंचा है, जिससे कई उत्पादन इकाइयां प्रभावित हुई हैं।

रेड सी और होर्मुज़ पर बढ़ा खतरा

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने यमन के हूती विद्रोहियों से कहा है कि यदि अमेरिका ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हमले जारी रखता है, तो रेड सी (Red Sea) के तेल मार्ग को बंद करने की तैयारी रखी जाए।

वहीं होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में भी जहाजों की आवाजाही काफी कम हो गई है। कई तेल टैंकरों ने अपना रास्ता बदल लिया है, जिससे वैश्विक तेल बाजार में चिंता बढ़ गई है।

पाकिस्तान और चीन ने की युद्ध रोकने की अपील

चीन के विदेश मंत्री वांग यी और पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने अमेरिका और ईरान से तत्काल संघर्ष विराम लागू करने और बातचीत फिर शुरू करने की अपील की है। दोनों देशों ने क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने पर जोर दिया।

ट्रंप बोले- बातचीत के लिए तैयार

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सैन्य कार्रवाई के बावजूद कूटनीतिक समाधान के लिए तैयार हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि ईरान समझौतों का पालन नहीं करता, तो अमेरिका जवाबी कार्रवाई जारी रखेगा।

वैश्विक बाजार पर दिख रहा असर

अमेरिका-ईरान संघर्ष का असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर भी दिखाई दे रहा है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 85 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है, जबकि तेल आपूर्ति को लेकर चिंताओं के कारण ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज़ और रेड सी में तनाव और बढ़ता है, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है।

अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बढ़ती सैन्य कार्रवाई ने पूरे मध्य पूर्व को एक बार फिर बड़े संकट के मुहाने पर ला खड़ा किया है। अब दुनिया की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में तनाव कम होगा या यह संघर्ष और व्यापक रूप लेगा।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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