युगांडा में इबोला का आखिरी मरीज स्वस्थ, WHO ने की तैयारियों की सराहना

कंपाला: युगांडा में इबोला वायरस से संक्रमित आखिरी मरीज को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। मरीज की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उसे डिस्चार्ज किया गया। अब अगर अगले 42 दिनों तक कोई नया मामला सामने नहीं आता है, तो देश को आधिकारिक तौर पर इबोला मुक्त घोषित कर दिया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री क्रिस बार्योमुन्सी ने कंपाला के मुलागो नेशनल रेफरल अस्पताल में मरीज को डिस्चार्ज सर्टिफिकेट सौंपा। उन्होंने कहा कि अब मरीज पूरी तरह सुरक्षित है और अपने परिवार व कामकाज की सामान्य जिंदगी में लौट सकता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने युगांडा की तैयारियों और तेज कार्रवाई की सराहना की है। संगठन के अनुसार, समय रहते मरीजों की पहचान, इलाज और प्रभावी निगरानी की वजह से इस बार इबोला का प्रकोप तेजी से काबू में आ गया। WHO ने यह भी बताया कि इस प्रकोप में मृत्यु दर 10 प्रतिशत से कम रही, जो इबोला के मामलों में काफी कम मानी जाती है।
युगांडा ने 15 मई को इबोला प्रकोप की घोषणा की थी। पहला संक्रमित मरीज पड़ोसी देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) से आया था और उसमें बुंडीबुग्यो स्ट्रेन की पुष्टि हुई थी। इस प्रकोप के दौरान देश में 20 संक्रमित मरीज मिले, जिनमें 15 कांगो के नागरिक और 5 युगांडा के नागरिक शामिल थे। इस दौरान 2 लोगों की मौत भी हुई।
डब्ल्यूएचओ के नियमों के मुताबिक, आखिरी मरीज के संक्रमण मुक्त होने के बाद लगातार 42 दिनों तक कोई नया मामला नहीं मिलने पर ही किसी देश को इबोला प्रकोप से मुक्त घोषित किया जाता है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि बुखार, उल्टी, दस्त या बिना वजह खून बहने जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।





