NEET विवाद पर गरमाई राजनीति: आकांक्षा चतुर्वेदी की मौत के बाद राहुल गांधी का मोदी सरकार पर बड़ा हमला

नीट (NEET) मेडिकल प्रवेश परीक्षा की अनियमितताओं और पेपर लीक विवाद ने अब एक बड़ा राजनीतिक मोड़ ले लिया है। मध्य प्रदेश की एक होनहार नीट एस्पिरेंट आकांक्षा चतुर्वेदी की दुखद आत्महत्या के बाद, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार और शिक्षा प्रणाली पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक और कड़ा पोस्ट साझा किया है।
आकांक्षा की मौत पर राहुल गांधी ने जताया गहरा दुख
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में लिखा कि आकांक्षा एक डॉक्टर बनकर देश और समाज की सेवा करना चाहती थी। उसके किसान पिता ने बेटी के इस सपने को पूरा करने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के जरिए ₹3 लाख का कर्ज लिया था। इतना ही नहीं, बेटी नागपुर में रहकर कोचिंग कर सके, इसके लिए पिता ने वहां एक रसोइये (Cook) के रूप में भी नौकरी की। एक पिता ने वह सब कुछ किया जो वह कर सकता था। लेकिन नीट पेपर लीक और परीक्षा निरस्त होने की अनिश्चितता के बीच आकांक्षा हमेशा के लिए हमें छोड़कर चली गई। “यह आत्महत्या नहीं, Broken System का नतीजा है”
राहुल गांधी ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा: ”आकांक्षा की मृत्यु महज एक आत्महत्या नहीं है—यह मोदी जी के कार्यकाल के तहत एक भ्रष्ट और पूरी तरह टूट चुके सिस्टम का परिणाम है।”
आकांक्षा डॉक्टर बनकर देश और समाज की सेवा करना चाहती थी। आकांक्षा के पिता किसान हैं। बेटी के डॉक्टर बनने के सपने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड पर ₹3 लाख का कर्ज़ लिया। और नागपुर में खुद कुक की नौकरी कर ली, ताकि बेटी वहाँ coaching कर सके।
एक पिता ने जो कर सकता था, सब किया।
फिर NEET… https://t.co/yaIHayXfrG— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) June 4, 2026
उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी निशाना साधते हुए कहा कि इतनी बड़ी गड़बड़ियों के बाद भी वह आज अपनी कुर्सी पर बने हुए हैं। सरकार में वही पुरानी कमेटियां, वही ट्रांसफर और वही जांच का ढर्रा चल रहा है, लेकिन छात्रों के लिए कोई सुधार या न्याय नहीं दिख रहा है। राहुल ने चेतावनी देते हुए कहा कि सत्ता स्थाई नहीं होती, लेकिन पिछले 12 वर्षों में शिक्षा व्यवस्था को जिस तरह बर्बाद किया गया है, उसकी कीमत भारत की पूरी युवा पीढ़ी चुका रही है।





