PM मोदी दबाव में आने वाले नेता नहीं, भारत दौरे से पहले पुतिन ने की पीएम मोदी की तारीफ

नई दिल्ली: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा को लेकर उत्साह बढ़ता जा रहा है. इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना जताई जा रही है. इसी क्रम में, पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को लेकर अपनी राय साझा करते हुए एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है.
अमेरिकी टैरिफ के मुद्दे पर पुतिन की प्रतिक्रिया
अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ को लेकर जब पुतिन से सवाल किया गया कि क्या वाशिंगटन भारत पर आर्थिक दबाव बना रहा है, तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में जवाब दिया. रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ऐसे नेता नहीं हैं जो किसी भी तरह के दबाव में आते हों. यह बयान भारत की स्वतंत्र विदेश नीति और PM मोदी के दृढ़ नेतृत्व का समर्थन करता है.
भारतीय नेतृत्व की खुलकर तारीफ
इंडिया टुडे को दिए गए विशेष साक्षात्कार में, पुतिन ने भारत की विदेश नीति और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व कौशल की भूरि-भूरि प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की दृढ़ और स्वतंत्र विदेश नीति को पूरी दुनिया ने देखा है. पुतिन ने जोर देते हुए कहा कि देश को अपने ऐसे सशक्त नेतृत्व पर गर्व महसूस करना चाहिए.
रूसी राष्ट्रपति ने यह भी जानकारी दी कि भारत और रूस के बीच होने वाले द्विपक्षीय लेन-देन में से 90 प्रतिशत से अधिक सफलतापूर्वक संपन्न हो चुके हैं, जो दोनों देशों के बीच मजबूत आर्थिक संबंधों को दर्शाता है.
मैत्रीपूर्ण संबंधों का इजहार
पुतिन ने अपनी आगामी भारत यात्रा को लेकर उत्साह व्यक्त करते हुए कहा कि वे अपने मित्र प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात करने के लिए बेहद उत्सुक हैं. उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं के बीच यह सहमति बनी है कि आगामी शिखर वार्ता भारत की धरती पर आयोजित की जाएगी.
व्यापक सहयोग और गहरे ऐतिहासिक रिश्ते
रूसी राष्ट्रपति ने भारत-रूस संबंधों की व्यापकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच चर्चा के लिए अनगिनत विषय हैं. उन्होंने दोनों राष्ट्रों के बीच के विशेष और दीर्घकालीन ऐतिहासिक संबंधों को भी रेखांकित किया.
भारत की प्रगति पर बोलते हुए, पुतिन ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद मात्र 77 वर्षों में भारत ने जो विकास हासिल किया है, वह अभूतपूर्व और प्रशंसनीय है. यह टिप्पणी भारत की तेज आर्थिक वृद्धि और विकास के प्रति रूस की सराहना को दर्शाती है.
इस दौरे के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, द्विपक्षीय वार्ता और भारत-रूस संबंधों के भविष्य जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है.





