UNSC में भारत का तीखा हमला, कहा- पाकिस्तान को आतंकवाद की कीमत चुकानी होगी

भारत ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में पाकिस्तान पर तीखा हमला बोलते हुए उस पर लगातार सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देने का आरोप लगाया और कहा कि ऐसी गतिविधियों के परिणाम भुगतने होंगे।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की खुली बहस “UN Charter के उद्देश्यों और सिद्धांतों को बनाए रखने तथा UN-केंद्रित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को मजबूत करने” विषय पर भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वथनेनी हरीश ने पाकिस्तान को लेकर कड़ा रुख अपनाया।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान लंबे समय से आतंकवाद, हिंसक उग्रवाद और भारत विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देता रहा है।
भारत के प्रतिनिधि ने स्पष्ट कहा कि “पाकिस्तान को यह स्वीकार करना होगा कि सीमा पार आतंकवाद को प्रायोजित करने के परिणाम होते हैं।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत को अपनी सुरक्षा और सीमा पार से होने वाले आतंकी हमलों के खिलाफ जवाब देने का पूरा अधिकार है।
‘पाकिस्तान ने संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन किया’
भारत ने UNSC में कहा कि पाकिस्तान ने कई युद्धों, उकसावे वाली कार्रवाइयों और आतंकवाद को समर्थन देकर संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के सिद्धांतों का उल्लंघन किया है।
भारतीय प्रतिनिधि ने पाकिस्तान की लंबे समय से अपनाई गई “हजार जख्म देकर भारत को कमजोर करने” की नीति की भी आलोचना की और कहा कि इससे UN चार्टर के प्रति पाकिस्तान की प्रतिबद्धता पर सवाल उठते हैं।
आतंकवाद पर भारत का स्पष्ट संदेश
भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सभी प्रकार के आतंकवाद के खिलाफ एकजुट कार्रवाई की अपील की।
भारत ने पाकिस्तान से हिंसक कट्टरवाद और आतंकी संगठनों को समर्थन पूरी तरह बंद करने का आह्वान किया।
जम्मू-कश्मीर पर चीन-पाक बयान को भी भारत ने खारिज किया
यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल ही में चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर का उल्लेख किए जाने पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं।
उन्होंने कहा कि भारत किसी भी विदेशी देश को भारतीय केंद्र शासित प्रदेशों से जुड़े मामलों पर टिप्पणी करने का अधिकार नहीं मानता।
CPEC पर भी भारत की आपत्ति
भारत ने चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) का भी विरोध दोहराया और कहा कि इसका कुछ हिस्सा भारतीय दावे वाले क्षेत्र से गुजरता है।
भारत ने कहा कि वह ऐसे किसी भी प्रयास को स्वीकार नहीं करेगा जो पाकिस्तान के कथित अवैध कब्जे को वैधता देने की कोशिश करे।
भारत ने याद दिलाया ऐतिहासिक संदर्भ
UNSC में अपने संबोधन के दौरान भारत ने यह भी कहा कि स्वतंत्रता के बाद से ही देश को पाकिस्तान की ओर से सीमा पार आक्रामकता और सुरक्षा चुनौतियों का सामना करना पड़ा है।





