
New Delhi: जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची (Sanae Takaichi) बुधवार को तीन दिवसीय आधिकारिक भारत दौरे पर रवाना हो गईं। अपने पहले भारत दौरे के दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ होने वाले 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगी। यह दौरा दोनों देशों की विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी (Special Strategic and Global Partnership) को नई मजबूती देने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
जापानी प्रधानमंत्री बुधवार शाम नई दिल्ली पहुंचेंगी और 3 जुलाई तक भारत में रहेंगी।
PM मोदी और सानाए ताकाइची के बीच होगी अहम बैठक
विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापानी प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची द्विपक्षीय संबंधों की व्यापक समीक्षा करेंगे। इसके अलावा दोनों नेता क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे।
बैठक में निवेश, व्यापार, तकनीक, रक्षा सहयोग और आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को मजबूत बनाने पर विशेष जोर रहने की संभावना है।
सेमीकंडक्टर और महत्वपूर्ण खनिजों पर रहेगा फोकस
सूत्रों के मुताबिक, दोनों देशों के बीच सेमीकंडक्टर, क्रिटिकल मिनरल्स, इनोवेशन, उन्नत तकनीक और आर्थिक सहयोग को बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा होगी।
भारत और जापान रणनीतिक क्षेत्रों में मजबूत सप्लाई चेन विकसित करने के लिए नए समझौतों पर भी विचार कर सकते हैं।
समुद्री सुरक्षा और रक्षा सहयोग पर होगी चर्चा
शिखर सम्मेलन में हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र की सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा, रक्षा तकनीक सहयोग और बंगाल की खाड़ी से पूर्वोत्तर भारत तक औद्योगिक वैल्यू चेन विकसित करने जैसे अहम मुद्दे भी एजेंडे में शामिल रहेंगे।
दोनों देश क्षेत्रीय स्थिरता और मुक्त एवं सुरक्षित हिंद-प्रशांत क्षेत्र को लेकर भी अपने सहयोग को और मजबूत करने पर विचार करेंगे।
टोक्यो बैठक के बाद फिर आमने-सामने होंगे दोनों नेता
यह बैठक पिछले वर्ष अगस्त 2025 में टोक्यो में आयोजित 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के बाद दोनों नेताओं की पहली औपचारिक मुलाकात होगी।
अधिकारियों का कहना है कि यह शिखर सम्मेलन भारत और जापान के बीच आर्थिक, सुरक्षा और तकनीकी सहयोग को नई दिशा देगा।
भारतीय दूतावास ने किया स्वागत
टोक्यो स्थित भारतीय दूतावास ने जापानी प्रधानमंत्री के भारत दौरे की पुष्टि करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि नई दिल्ली में जापानी प्रतिनिधिमंडल के स्वागत की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
दूतावास ने प्रतिनिधिमंडल की सुरक्षित यात्रा की कामना भी की।
क्यों अहम है यह दौरा?
भारत और जापान पिछले कई वर्षों से रणनीतिक साझेदार हैं। दोनों देश रक्षा, निवेश, हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग, बुनियादी ढांचे, डिजिटल तकनीक और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग लगातार बढ़ा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के बीच यह शिखर सम्मेलन दोनों देशों के रिश्तों को नई गति देने के साथ-साथ एशिया-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक संतुलन को भी मजबूत करेगा।





