
उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक सरकारी स्कूल के शिक्षक के अपहरण और 10 लाख रुपये की फिरौती मांगने के आरोप में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। हैरानी की बात यह है कि इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि पीड़ित शिक्षक का पक्का दोस्त ही निकला।
भारी कर्ज से परेशान था मुख्य आरोपी
पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी अविनाश राजपूत नोएडा में एक फाइनेंस कंपनी चलाता था। धोखाधड़ी के कारण उसे बिजनेस में करोड़ों रुपये का भारी नुकसान हुआ था, जिस वजह से उस पर करीब 2 करोड़ रुपये का कर्ज हो गया था। इसी कर्ज को चुकाने के लिए उसने अपने दोस्त और सरकारी शिक्षक राहुल कुमार राजपूत के अपहरण की खौफनाक योजना बनाई।
ऐसे हुआ मामले का खुलासा
पीड़ित शिक्षक राहुल कुमार राजपूत के पिता देशराज सिंह ने 14 जुलाई को बेटे के स्कूल से घर न लौटने पर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद सोमवार को उन्होंने पुलिस को दोबारा शिकायत दी कि उनके बेटे का अपहरण कर लिया गया है और अपहरणकर्ता 10 लाख रुपये की फिरौती मांग रहे हैं।
शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत अपहरण की एफआईआर में बदल दिया। सदर कोतवाली पुलिस, एसओजी (SOG) और सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने सोमवार रात मय्युरवा मोर के पास वाहन चेकिंग के दौरान तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
हथियार और कार बरामद
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अविनाश राजपूत, सर्वेंद्र कुमार कुशवाहा और केशव पंडित उर्फ केशव अवस्थी के रूप में हुई है, जो सभी कन्नौज जिले के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनके पास से दो अवैध पिस्तौल, चार जिंदा कारतूस, एक मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट डिजायर कार बरामद की है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में शामिल एक अन्य आरोपी सागर की तलाश अभी जारी है और लापता शिक्षक को सुरक्षित ढूंढने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।





