‘डिजिटल अरेस्ट’ का नया जाल: साइबर ठगों ने महिला और रिटायर्ड इंजीनियर से उड़ाए लाखों रुपये

कानपुर और प्रयागराज में साइबर ठगों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ का नया तरीका अपनाकर लाखों रुपये की ठगी कर डाली है। दोनों मामलों में जालसाजों ने खुद को सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर पीड़ितों को डराया और बड़ी रकम अपने खातों में ट्रांसफर करा ली। पुलिस ने दोनों घटनाओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कानपुर की रहने वाली 45 वर्षीय सुनीता गौड़ ने क्राइम ब्रांच थाने में शिकायत दर्ज कराई है कि 9 से 11 नवंबर के बीच उन्हें एक कॉल आई, जिसमें कॉलर खुद को एनआईए अधिकारी बता रहा था। कॉलर ने दिल्ली के लाल किले के पास हुए हालिया ब्लास्ट का हवाला देकर सुनीता पर गंभीर आरोप लगाए और उन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर दिया। डरे-सहमे माहौल में सुनीता से 6 लाख 66 हजार रुपये आरटीजीएस करवा लिए गए।
एडीसीपी क्राइम अंजलि विश्वकर्मा के अनुसार, इसी तरह गोविंद नगर के पंकज चड्ढा और विजयनगर के एक रिटायर्ड बैंकर को भी ऐसे ही कॉल आए, लेकिन संदेह होने पर उन्होंने फोन काट दिया। अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली ब्लास्ट की घटना का फायदा उठाकर जालसाज लोगों में भय पैदा कर ठगी कर रहे हैं। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश जारी है।
उन्होंने लोगों को सचेत करते हुए कहा, “कोई भी सरकारी एजेंसी डिजिटल अरेस्ट नहीं करती। ऐसे किसी कॉल पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें, जिससे 2 घंटे के भीतर पैसे वापस मिलने की संभावना रहती है।”
दूसरी घटना प्रयागराज की है, जहाँ साइबर ठगों ने खुद को ईडी और सीबीआई अधिकारी बताकर पीडब्ल्यूडी के सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता को करीब 10 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट कर लिया। ठगों ने 3 से 12 नवंबर के बीच उन्हें लगातार कॉल और वीडियो चैट में उलझाए रखा और अलग-अलग खातों में 22 लाख 50 हजार रुपये ट्रांसफर करवा लिए। पीड़ित अभियंता शिवकुटी थाना क्षेत्र के निवासी हैं, जिन्होंने अब साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी है।
साइबर क्राइम थाना इंचार्ज ओम नारायण गौतम ने बताया कि पैसे जिन बैंक खातों में भेजे गए थे, उनकी ट्रैकिंग और रिकवरी की कोशिश की जा रही है, साथ ही ठगों की गिरफ्तारी के लिए टीमों को तैनात किया गया है। पुलिस ने लोगों को चेतावनी देते हुए कहा है कि किसी भी अंजान कॉल पर भरोसा न करें और डिजिटल अरेस्ट जैसी बात एकदम फर्जी है। ऐसे मामलों में तुरंत हेल्पलाइन पर शिकायत करें और सतर्क रहें।





