ED जांच में हस्तक्षेप के आरोपों पर घिरीं ममता बनर्जी, सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराजगी

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लेकर कड़ी टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि जांच में दखल देने जैसे आरोप लोकतंत्र के लिए खतरा बन सकते हैं।
दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आरोप लगाया है कि जनवरी की शुरुआत में मनी लॉन्ड्रिंग जांच के दौरान ‘Indian Political Action Committee’ के दफ्तर में छापेमारी के समय ममता बनर्जी और राज्य के कुछ अधिकारियों ने जांच में बाधा डाली। एजेंसी के मुताबिक, मुख्यमंत्री खुद वहां पहुंचीं और कुछ दस्तावेज व इलेक्ट्रॉनिक सामान अपने साथ ले गईं।
सुप्रीम कोर्ट ने यह दलील खारिज कर दी कि यह कार्रवाई राजनीतिक वजहों से की गई थी। कोर्ट ने साफ कहा कि कोई भी मुख्यमंत्री चल रही जांच में हस्तक्षेप नहीं कर सकता और बाद में इसे केंद्र-राज्य विवाद नहीं बता सकता। कोर्ट ने कहा कि संविधान बनाने वालों ने ऐसी स्थिति की कल्पना नहीं की थी।
कोर्ट ने मालदा की एक घटना का भी जिक्र किया, जहां चुनावी सूची में बदलाव के विरोध में प्रदर्शन के दौरान कुछ न्यायिक अधिकारियों को कथित तौर पर रोका गया था। बाद में कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को हस्तक्षेप कर उन्हें छुड़ाना पड़ा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह एक असामान्य स्थिति है और ऐसे मामलों में जमीन पर हो रही घटनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।





