रिकॉर्ड 10वीं बार फाइनल में भारत, कल इंग्लैंड से भिड़ंत; जानें कौन किसपर भारी

नई दिल्ली. अंडर-19 विश्व कप का फाइनल मुकाबला भारत और इंग्लैंड के बीच शुक्रवार, 6 फरवरी को हरारे में खेला जाएगा. भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में अफगानिस्तान को शानदार जीत के साथ हराकर रिकॉर्ड दसवीं बार फाइनल में प्रवेश किया है. यह उपलब्धि हासिल करने वाली भारत एकमात्र टीम है. इसके बाद ऑस्ट्रेलिया की टीम छह बार फाइनल में पहुंची है. भारत ने लगातार छठी बार खिताबी मुकाबले में जगह बनाई है. टीम इंडिया ने अपने सभी मुकाबले जीतकर फाइनल का टिकट पक्का किया है. वहीं इंग्लैंड ने भी अपने सभी मैच जीते हैं. दोनों टीमों के बीच यह रोमांचक फाइनल मुकाबला भारतीय समयानुसार दोपहर एक बजे से शुरू होगा.
अंडर-19 स्तर पर भारत और इंग्लैंड के बीच अब तक 55 यूथ वनडे मैच खेले जा चुके हैं. इनमें भारत को 41 मुकाबलों में जीत मिली है जबकि 13 में हार का सामना करना पड़ा है. एक मुकाबला बेनतीजा रहा. भारत का रिकॉर्ड इंग्लैंड के खिलाफ काफी बेहतरीन रहा है.
फाइनल में पहुंचने के बाद भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, “फाइनल में पहुंचने का एहसास वाकई काफी शानदार है. हमारे लिए विश्व कप फाइनल खेलना बड़ी बात है. घर पर जो प्रशंसक हैं, उनसे मैं बस यही कहना चाहता हूं कि हमें सपोर्ट करते रहें. आप हमें बहुत बढ़िया सपोर्ट कर रहे हैं. हम फाइनल मैच में अपना सौ फीसदी देंगे और जीतने की पूरी कोशिश करेंगे. हम फाइनल मुकाबले को सिर्फ एक खेल की तरह लेंगे.”
भारत ने आरोन जॉर्ज के शानदार शतक (115 रन) के साथ आईपीएल स्टार वैभव सूर्यवंशी (68 रन) और कप्तान आयुष म्हात्रे (62 रन) की धमाकेदार अर्धशतकीय पारियों की बदौलत अफगानिस्तान को सात विकेट से करारी शिकस्त दी. अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए फैसल शिनोजादा (110) और उजैरुल्लाह नियाजई (101) के शतकों की मदद से 310 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया. लेकिन भारतीय टीम ने यह लक्ष्य महज 41.1 ओवर में ही हासिल कर लिया. यह अंडर-19 विश्व कप में भारत द्वारा अब तक का सबसे बड़ा पीछा किया गया लक्ष्य है.
आरोन ने 104 गेंदों में 15 चौके और दो छक्कों की मदद से शानदार शॉट्स लगाते हुए शतक पूरा किया. उन्हें सूर्यवंशी (33 गेंद, नौ चौके, चार छक्के) और म्हात्रे (59 गेंद, पांच चौके, चार छक्के) का बेहतरीन साथ मिला, जिससे भारत का रन-रेट पूरे समय सात से ऊपर बना रहा.
दूसरे सेमीफाइनल में इंग्लैंड ने क्वींस स्पोर्ट्स क्लब में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 27 रन से जीत हासिल की. टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने निर्धारित 50 ओवरों में 7 विकेट के नुकसान पर 277 रन बनाए. टीम ने शुरुआत में महज 3 रन के स्कोर पर बेन डॉकिन्स (1) का विकेट गंवा दिया था. इसके बाद बेन मेयस ने जोसेफ मूर्स के साथ दूसरे विकेट के लिए 54 रन की साझेदारी की. जोसेफ ने 33 गेंदों में एक छक्का और एक चौका लगाते हुए 25 रन बनाए, जबकि मेयस ने 33 गेंदों में 24 रन की पारी खेली. टीम 60 रन के स्कोर तक अपने तीन विकेट गंवा चुकी थी.
यहां से कैलेब फाल्कनर और कप्तान थॉमस रेव ने चौथे विकेट के लिए शानदार 135 रन की साझेदारी करते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया. कप्तान थॉमस रेव ने 107 गेंदों में एक छक्का और 14 चौकों की मदद से 110 रन की शानदार पारी खेली, जबकि फाल्कनर ने चार चौकों के साथ 40 रन का योगदान दिया.
जवाब में ऑस्ट्रेलियाई टीम 47.3 ओवरों में केवल 250 रन पर सिमट गई. कप्तान ऑलिवर ने 88 गेंदों में एक छक्का और 10 चौकों के साथ शतक (100 रन) जड़ा, जबकि नितेश ने 47 रन का योगदान दिया.
अब सभी की निगाहें शुक्रवार को होने वाले भारत-इंग्लैंड के बीच खिताबी मुकाबले पर टिकी हैं. दोनों टीमें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए तैयार हैं.





