देश की पहली सहकारी टैक्सी सेवा ‘भारत टैक्सी ऐप’ का आज शुभारंभ

नई दिल्ली. देश की पहली को-ऑपरेटिव टैक्सी सेवा ‘भारत टैक्सी ऐप’ का आज शुभारंभ होने जा रहा है. ड्राइवर-स्वामित्व मॉडल पर आधारित इस ऐप में राइड पर किसी प्रकार का कमीशन नहीं काटा जाएगा और संपूर्ण राशि सीधे ड्राइवर को मिलेगी. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह विज्ञान भवन में आयोजित एक विशेष समारोह में इसका लोकार्पण करेंगे.
प्रारंभ में यह सेवा दिल्ली-एनसीआर में शुरू की जा रही है. बाद में इसे मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई समेत देश के अन्य प्रमुख शहरों में चरणबद्ध ढंग से लागू किया जाएगा. यह सहकारी सेवा ओला, उबर और रैपिडो को सीधी टक्कर देगी और इसका किराया निजी कंपनियों की तुलना में सस्ता रहेगा. 6 जून 2025 को स्थापना के पश्चात अब तक 3 लाख से अधिक ड्राइवर इस प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं और 1 लाख से ज्यादा यात्री पहले ही पंजीकरण करा चुके हैं.
ड्राइवर-स्वामित्व मॉडल है सबसे बड़ी खासियत
भारत टैक्सी की सबसे बड़ी विशेषता इसका ड्राइवर-स्वामित्व मॉडल है. पारंपरिक एग्रीगेटर मॉडल में ड्राइवरों को अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा कमीशन के रूप में कंपनी को देना पड़ता है, जबकि भारत टैक्सी में ड्राइवरों से कोई कमीशन नहीं लिया जाएगा. इसमें ड्राइवरों को 5 शेयर्स के साथ सहकारी संस्था में हिस्सेदारी दी जाएगी, जिससे वे इस मंच के मालिक बनेंगे. ड्राइवरों को केवल एक न्यूनतम सदस्यता शुल्क देना होगा, जिसे वे अपनी सुविधानुसार दैनिक, साप्ताहिक या मासिक आधार पर चुका सकेंगे.
बाजार से 30% तक सस्ता किराया, कोई सर्ज प्राइसिंग नहीं
भारत टैक्सी का दावा है कि उनके प्लेटफॉर्म पर किराया बाजार से 30 प्रतिशत तक सस्ता हो सकता है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस ऐप में ‘सर्ज प्राइसिंग’ का कोई प्रावधान नहीं रखा गया है. अक्सर बारिश, भारी यातायात या अधिक मांग के समय निजी कंपनियां किराया दोगुना या तिगुना कर देती हैं, लेकिन भारत टैक्सी में यात्रियों को पहले से निर्धारित पारदर्शी किराया ही देना होगा. यात्री बाइक, ऑटो और कार के विकल्पों में से अपनी पसंद का साधन चुन सकेंगे.
सामाजिक सुरक्षा कवच भी है साथ
भारत टैक्सी केवल एक ऐप नहीं, बल्कि एक सामाजिक सुरक्षा कवच भी है. इस प्लेटफॉर्म से जुड़ने वाले प्रत्येक ड्राइवर को 5 लाख रुपये का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा और 5 लाख रुपये का पारिवारिक स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जाएगा. इसके अतिरिक्त, मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटीज एक्ट के अंतर्गत संचालित होने के कारण, भविष्य में ड्राइवरों को आसान किस्तों पर ऋण भी उपलब्ध कराया जाएगा. इससे ड्राइवर अपनी स्वयं की गाड़ियां खरीद सकेंगे और आत्मनिर्भर बनकर नए रोजगार के अवसर पैदा कर सकेंगे.





