दिल्ली में 10 करोड़ रुपये की नकली दवाओं का भंडाफोड़, 4 आरोपी गिरफ्तार

New Delhi: दिल्ली पुलिस ने जानलेवा नकली दवाओं का कारोबार करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में करीब 10 करोड़ रुपये की नकली दवाएं, मशीनें और अन्य सामान बरामद किया गया है। पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है।
यह गिरोह कैंसर, लिवर की बीमारी और अन्य गंभीर बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली महंगी दवाओं की नकली कॉपी तैयार कर देश के अलग-अलग हिस्सों में सप्लाई कर रहा था। इन नकली दवाओं से मरीजों की जान को बड़ा खतरा हो सकता था।
कैसे चलता था नकली दवाओं का कारोबार
पुलिस के अनुसार, इस गिरोह का मुख्य आरोपी मनोज कुमार मिश्रा है, जो मूल रूप से मणिपुर का रहने वाला बताया जा रहा है। कोरोना काल के दौरान उसका सर्जिकल ग्लव्स और मास्क का कारोबार बंद हो गया था, जिसके बाद उसने नकली दवाओं के अवैध कारोबार में कदम रखा।
आरोपी “यूनिटेल फार्मा” नाम के जरिए नकली दवाओं की सप्लाई कर रहे थे। गिरोह अत्याधुनिक मशीनों की मदद से दवाओं की ऐसी पैकिंग तैयार करता था, जिसे असली और नकली में पहचानना बेहद मुश्किल था।
सरकारी सप्लाई चेन में भी सेंध
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह से जुड़े कुछ लोग सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था से असली दवाएं निकालकर इस नेटवर्क तक पहुंचा रहे थे।
पुलिस के मुताबिक:
- राजू मिश्रा गिरोह के निर्माण नेटवर्क का अहम सदस्य था।
- विक्रम सिंह और वतन सैनी पर सीजीएचएस से असली दवाएं निकालकर गिरोह तक पहुंचाने का आरोप है।
छापेमारी में क्या-क्या मिला
पुलिस की छापेमारी में:
- 90 हजार से ज्यादा नकली कैप्सूल और गोलियां
- दवा बनाने और पैकिंग की मशीनें
- कई अहम दस्तावेज
- बड़े स्तर पर सप्लाई नेटवर्क के सबूत बरामद किए गए हैं।
कई राज्यों तक फैला हो सकता है नेटवर्क
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नकली दवाएं किन-किन राज्यों में भेजी गई थीं। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और करोड़ों रुपये का अवैध कारोबार कर चुका है।





