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फैक्ट चेक: साल 2016 के दौरान की तस्वीर को उन्नाव में हालिया दिनों में हुए अतिक्रमण अभियान का बताकर किया वायरल, जाने पूरा सच

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फैक्ट चेक: साल 2016 के दौरान की तस्वीर को उन्नाव में हालिया दिनों में हुए अतिक्रमण अभियान का बताकर किया वायरल, जाने पूरा सच

 

सोशल मीडिया पर टूटी हुई इमारतों की कुछ तस्वीरें वायरल हो रही हैं, इन तस्वीरों में एक गली में टूटी हुई इमारतों के मलवे को जमीन पर पड़े हुए देखा जा सकता है। वहीं तस्वीर के एक कोने में बुलडोज़र को भी खड़े हुए देखा जा सकता है। इन्हीं तस्वीरों को इन दिनों सोशल मीडिया पर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में सीएम योगी ने अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत इलाके की सभी इमारतों को गिरवा दिया।

फेसबुक पर इन तस्वीरों को शेयर कर कैप्शन में लिखा गया है कि,”उन्नाव में चला बाबा जी का बुल्डोजर, अतिक्रमण हटाओ अभियान” 

फेसबुक के वायरल पोस्ट का लिंक यहाँ देखें।

फैक्ट चेक:

न्यूज़मोबाइल की पड़ताल के दौरान मिले तथ्यों से हमें पता चला कि वायरल तस्वीरें मौजूदा दिनों की नहीं बल्कि साल 2016 के दौरान की है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है तस्वीरों की सत्यता जानने के लिए हमने पड़ताल आरम्भ की। पड़ताल के दौरान हमने सबसे पहले तस्वीरों को एक-एक कर गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च टूल के माध्यम से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें हाल ही में ट्विटर पर एक यूज़र का ट्वीट मिला। जहां उन्होंने वायरल तस्वीरों में से एक तस्वीर पोस्ट कर जानकारी दी है कि यह साल 2016 के दौरान की है।

 

इसके बाद बची हुई तस्वीरों की सटीक जानकारी तथा वायरल प्राप्त जानकारी की पुष्टि के लिए हमने गूगल पर और बारीकी से खोजना शुरू किया। इस दौरान हमें अमर उजाला की वेबसाइट पर छापा एक लेख मिला। जिसे मई 27,2016 को छपा गया था। यहाँ वायरल तस्वीरों में एक तस्वीर प्रकाशित की गयी है।  बता दें लेख में जानकारी गई गयी है कि वायरल तस्वीर वाला दृश्य उन्नाव से ही लेकिन यह अतिक्रमण उस दौरान का है जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव हुआ करते थे।

 

 

इसके बाद हमने बाकी तस्वीरों की भी जानकारी प्राप्त करने के लिए खोजा। जिसके बाद हमें एक दूसरी तस्वीर अमर उजाला की ही वेबसाइट पर मई 28,2016 को ही प्रकाशित एक लेख मिली। लेख के मुताबिक वायरल तस्वीर उन्नाव के छोटा चौराहा की है। जब साल 2016 के दौरान यहां अतिक्रमण अभियान चलाया गया था।

खोज के दौरान हमें फेसबुक पर Shubham Nigam द्वारा मई 26,2016 को अपलोड किया गया एक पोस्ट मिला। जहां सभी वायरल तस्वीरों को पोस्ट किया गया था।

पड़ताल के दौरान उपरोक्त मिले तथ्यों से पता चला कि वायरल तस्वीरें हालिया दिनों की नहीं बल्कि साल 2016 के दौरान की है, जब उत्तर प्रदेश के मुखिया  अखिलेश यादव हुआ करते थे।