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अनधिकृत वॉकी-टॉकी बिक्री पर CCPA की सख्ती, ₹44 लाख का जुर्माना

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने बिना अनुमति और नियमों के खिलाफ वॉकी-टॉकी बेचने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। प्राधिकरण ने खुद संज्ञान लेते हुए कई ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 और टेलीकॉम कानूनों के उल्लंघन पर कार्रवाई की और कुल ₹44 लाख का जुर्माना लगाया।

जांच में सामने आया कि अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर करीब 16,970 से ज्यादा ऐसे वॉकी-टॉकी लिस्टिंग्स थीं, जो नियमों के अनुरूप नहीं थीं। इनमें से कई डिवाइस तय लाइसेंस-फ्री फ्रीक्वेंसी बैंड के बाहर काम कर रही थीं, उनके पास ETA (Equipment Type Approval) सर्टिफिकेट नहीं था और न ही लाइसेंस से जुड़ी जरूरी जानकारी दी गई थी।

CCPA ने इस मामले में 13 ई-कॉमर्स कंपनियों को नोटिस जारी किए थे। जांच के बाद आठ कंपनियों के खिलाफ अंतिम आदेश पारित किए गए। इनमें से चार बड़ी कंपनियों पर ₹10-10 लाख और चार अन्य पर ₹1-1 लाख का जुर्माना लगाया गया। कुछ कंपनियों ने जुर्माने की राशि जमा कर दी है, जबकि बाकी से भुगतान का इंतजार किया जा रहा है।

उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने बताया कि नियमों के मुताबिक सिर्फ वही पर्सनल मोबाइल रेडियो (PMR) डिवाइस लाइसेंस-फ्री होते हैं, जो 446.0 से 446.2 मेगाहर्ट्ज की तय फ्रीक्वेंसी पर काम करते हैं। इसके अलावा, 2018 के नियमों के तहत ऐसे किसी भी डिवाइस को बेचने या आयात करने से पहले ETA लेना अनिवार्य है।

जांच में पाया गया कि कई प्लेटफॉर्म्स पर हजारों यूनिट्स ऐसी थीं, जिनमें या तो फ्रीक्वेंसी की जानकारी नहीं दी गई थी या फिर गलत फ्रीक्वेंसी दिखाई गई थी। कुछ जगहों पर डिवाइस को “पूरी तरह लीगल” और “लाइसेंस-फ्री” बताकर बेचा जा रहा था, जबकि असल में वे नियमों का उल्लंघन कर रही थीं।

CCPA ने साफ कहा कि Ekart जैसे बड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को अपने आकार और तकनीकी क्षमता के हिसाब से ज्यादा सतर्कता बरतनी होगी। सिर्फ नोटिस के बाद प्रोडक्ट हटाना काफी नहीं है, बल्कि भविष्य में ऐसे गैर-कानूनी प्रोडक्ट्स की दोबारा लिस्टिंग रोकने के लिए मजबूत सिस्टम बनाना जरूरी है।

यह कार्रवाई उपभोक्ताओं की सुरक्षा और देश के टेलीकॉम नियमों को सख्ती से लागू करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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