ताज़ा खबरेंभारत

सीमा सुरक्षा को मिलेगी नई धार: 6 महीने में लगेंगे एंटी-ड्रोन सिस्टम, गृह मंत्री Amit Shah का बड़ा ऐलान

बीकानेर: भारत की सीमा सुरक्षा को और अधिक अभेद्य बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने राजस्थान के बीकानेर स्थित सांचू बॉर्डर आउटपोस्ट (BOP) के दौरे के दौरान घोषणा की कि सरकार अगले छह महीनों के भीतर सीमावर्ती क्षेत्रों में ‘एंटी-ड्रोन सिस्टम’ स्थापित करने की प्रक्रिया में है। यह कदम मुख्य रूप से सीमाओं के पार से होने वाली मादक पदार्थों (नारकोटिक्स) और हथियारों की तस्करी पर नकेल कसने के लिए उठाया जा रहा है।

‘फोर-पॉइंट सिक्योरिटी ग्रिड’ पर जोर

गृह मंत्री ने सीमा सुरक्षा के लिए एक व्यापक ‘फोर-पॉइंट सिक्योरिटी ग्रिड’ (four-point security grid) का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल सेना या सुरक्षा बलों के भरोसे सीमा सुरक्षित नहीं की जा सकती। इसके लिए सीमा सुरक्षा बल (BSF), सशस्त्र बलों, स्थानीय प्रशासन और सतर्क नागरिकों के बीच बेहतर तालमेल अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि जब तक यह चार-आयामी समन्वय (four-dimensional coordination) हासिल नहीं होगा, तब तक पूरी तरह सुरक्षित सीमा का सपना साकार नहीं हो सकता।

बुनियादी ढांचे का विकास और BSF की भूमिका

अमित शाह ने BSF के जवानों के साहस और अनुशासन की सराहना की और शहीद हुए 2,000 से अधिक कर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने बताया कि सीमा पर सड़क निर्माण, आधुनिक फेंसिंग और जल पाइपलाइन कनेक्टिविटी जैसे बुनियादी ढांचे में सुधार किया जा रहा है। साथ ही, उन्होंने महिला सुरक्षा कर्मियों के लिए बुनियादी सुविधाओं के विस्तार का भी वादा किया।

गृह मंत्री ने कहा कि 2014 से भारत के सुरक्षा परिदृश्य में बड़ा बदलाव आया है। सरकार का मुख्य ध्यान सैन्य आधुनिकीकरण और आतंकवाद के प्रति ‘सख्त और उचित’ जवाब देने पर है। उन्होंने सीमावर्ती राज्यों जैसे बिहार, गुजरात, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल के प्रशासन के साथ निरंतर समन्वय पर भी जोर दिया ताकि आंतरिक सुरक्षा को और मजबूत किया जा सके।

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।
Back to top button