अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया की अहम बैठक, आगे की रणनीति पर चर्चा

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) को राज्यसभा में बड़ा झटका लगा है, जहां उसके कई सांसद पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ खड़े हो गए हैं। इस घटनाक्रम के बाद पार्टी अब अपनी रणनीति पर फिर से काम कर रही है।
वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने शुक्रवार रात गुजरात से लौटते ही पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि सिसोदिया सीधे एयरपोर्ट से केजरीवाल के घर पहुंचे और दोनों के बीच करीब आधे घंटे तक अहम चर्चा हुई। इस बैठक में पार्टी के अंदर हुए टूट के असर और आगे की रणनीति पर बात हुई।
इस बीच राघव चड्ढा ने जानकारी दी कि उन्होंने और छह अन्य AAP राज्यसभा सांसदों ने नियमों के तहत पार्टी छोड़ने की सूचना सभापति को दे दी है। AAP अब इस मामले को लेकर सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। पार्टी के सूत्रों के अनुसार, मुख्य सचेतक एनडी गुप्ता राज्यसभा के सभापति को शिकायत देंगे और राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल के खिलाफ दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई की मांग करेंगे।
शिकायत में कहा जाएगा कि इन तीन नेताओं को सार्वजनिक रूप से बीजेपी में शामिल होते देखा गया है, जबकि बाकी चार सांसदों ने अभी तक सार्वजनिक तौर पर ऐसा नहीं किया है। वहीं, AAP नेता संजय सिंह भी राज्यसभा के सभापति को पत्र लिखेंगे और संविधान की दसवीं अनुसूची का हवाला देते हुए इन सांसदों को अयोग्य ठहराने की मांग करेंगे।
पार्टी के अंदर यह विवाद पिछले कुछ हफ्तों से चल रहा था। राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने के बाद यह मामला और बढ़ गया। इस पर पार्टी के अंदर ही नाराजगी सामने आई थी और उन पर बीजेपी के प्रति नरम रुख अपनाने के आरोप भी लगे थे।
बीजेपी में शामिल होने वाले नेताओं में अशोक मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, विक्रमजीत सिंह साहनी और स्वाति मालीवाल शामिल हैं।
अब AAP के सामने दोहरी चुनौती है—एक तरफ पार्टी के अंदर की नाराजगी को संभालना और दूसरी तरफ आने वाले चुनावों में अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखना।





