फैक्ट चेक: राहुल गांधी के भाषण का पुराना वीडियो काट-छांट कर गलत संदर्भ में किया गया शेयर

सोशल मीडिया पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के भाषण का एक वीडियो क्लिप वायरल हो रहा है। वीडियो में उन्हें अपने पिता के हत्यारों के बारे में बोलते हुए हुए देखा जा सकता है। राहुल कहते है “मेरे पिता को मारा गया, और मैंने वो नहीं किया मेरे मन में उनके खिलाफ नफरत नहीं है, लेकिन अस्पताल में जब मै था तब मैंने सोचा कि “अगर मेरे साथ ऐसा कुछ होता, तो मैं मार देता।” सोशल मीडिया पर लोगो ने राहुल गाँधी के इस भाषण का मज़ाक बनाते हुए यह तर्क दिया जा रहा है कि वह जो कहना चाह रहा है उसे समझने में सात दिन लग सकते हैं।
एक फेसबुक यूजर ने इसे शेयर करते हुए लिखा, “आपको इस भाषण को 7 दिनों में समझना होगा.. यह एक चुनौती है आपका समय अब शुरू होता है।”

फेसबुक के वायरल पोस्ट का लिंक यहाँ देखें।
इसे फेसबुक और ट्विटर पर काफी शेयर किया गया।
फैक्ट चेक
न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वायरल दावा झूठा है। दरअसल वीडियो में काट-छांट कर अधूरी जानकारी के साथ वायरल किया गया। है।
इंटरनेट पर वायरल हो रहे वीडियो के साथ शेयर किए गए दावे की सत्यता जानने के लिए हमने पड़ताल की। हमने सबसे पहले वायरल वीडियो को कुछ कीफ्रेम्स में तोड़ा और गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च टूल के माध्यम से खोजना शुरू किया। इस दौरान हमें वायरल वीडियो राहुल गाँधी के आधिकारिक यूट्यूब हैंडल पे मिला जिसे की 9 अप्रैल, 2022 को शेयर किया गया था। वीडियो नई दिल्ली में हुए एक पुस्तक लॉन्च कार्यक्रम का है, जहां राहुल गांधी को बोलने के लिए आमंत्रित किया गया था। पुस्तक का शीर्षक था “द दलित ट्रुथ”।
वायरल वीडियो के साथ इसकी तुलना करने पर, यह स्पष्ट है कि मूल भाषण को चुनिंदा रूप से क्लिप किया गया था और गलत संदर्भ में काट कर साझा किया गया था ताकि यह लगे कि इस भाषण का कोई मतलब नहीं है, क्योंकि वह अपने पिता के हत्यारों के बारे में बोलना शुरू करते है और फिर अस्पताल में खुदके हत्यारों को मार डालने की बात करते है।
लगभग 30 मिनट के अपने भाषण में वह अस्पृश्यता, छुआ-छूत, दलित के बारे में बोल रहे थे। अपने भाषण के बीच में, उन्होंने उस समय के एक किस्से का जिक्र किया जब वह 2016 में गुजरात के ऊना में पीटे गए दलित पुरुषों के पिताओं में से एक से मिले थे। उनमे से एक के पिता ने बात करते हुए कहा कि वह इस घटना से खुश हैं क्योंकि साथी दलितों ने आत्महत्या का प्रयास करके इसका विरोध जताया है। इसके बाद राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने उन लोगों से मुलाकात की, जिन्होंने आत्महत्या का प्रयास किया था और जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा था।
दरअसल राहुल गाँधी जिस घटना का ज़िक्र कर रहे है वो 2016 में गुजरात के राजकोट जिले की जहां कथित तौर पर गाय की हत्या के लिए साथी समुदाय के सदस्यों पर क्रूर हमले के विरोध में दलित युवाओं ने राजकोट जिले में दो स्थानों पर आत्महत्या का प्रयास किया था। इससे जुडी रिपोर्ट को यहाँ और यहाँ पढ़ा जा सकता है।

आगे वीडियो में इस मुलाक़ात का वर्णन करते हुए, वीडियो के लगभर 33:30 पर राहुल कहते हैं कि उन्होंने सोचा कि “अगर मैं उनकी जगह होता और मरने के लिए तैयार होता, तो मरने से पहले मैं अपने भाई के हत्यारे को मार देता।” बाद में उन्होंने 34:45 के वीडियो में इसका उल्लेख किया, जो वायरल क्लिप में भी है। उन्होंने बताया कि हालाँकि उन्हें अपने पिता के हत्यारों के प्रति कोई शिकायत नहीं थी पर अगर वह उस व्यक्ति की जगह होते जिनसे वह अस्पताल में मिले थे, तो उन्होंने उन लोगों को मार डाला होता जिन्होंने उनके भाई को नुकसान पहुँचाया था।
वायरल क्लिप को 34:46 सेकण्ड्स के टाइमस्टैम्प से काट दिया गया है ताकि ऐसा लगे कि वह अपने पिता के हत्यारों के बारे में बात कर रहे हैं, लेकिन वास्तव में वह भाषण के दौरान दलित पीड़ितो के साथ अपनी मुलाक़ात के बारे में ज़िक्र कर रहे थे।
पड़ताल के दौरान उपरोक्त मिले तथ्यों से हमने जाना कि वायरल वीडियो असल में अधूरा है और इसे काट छाठ कर गलत सन्दर्भ में शेयर किया गया । वायरल दावा गतल है।





