NM Verified: PM मोदी के पिता और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ा वायरल दावा फर्जी

NM Verified: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक कथित ग्राफिक तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें नवभारत टाइम्स (NBT) का लोगो लगा हुआ दिखाई देता है। इस ग्राफिक में दावा किया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 133वें एपिसोड में अपने पिता के स्वतंत्रता संग्राम में शामिल होने और ब्रिटिश जेल में इलाज न मिलने के कारण उनकी मौत होने का जिक्र किया था।
हालांकि, जांच में यह दावा पूरी तरह भ्रामक और फर्जी पाया गया है।
क्या है वायरल दावा?
वायरल ग्राफिक में प्रधानमंत्री मोदी के नाम से यह कथित बयान साझा किया जा रहा है:
“मुझे आज भी याद है कि भीषण गर्मी में मेरे पिता भी स्वतंत्रता संग्राम में शामिल हुए थे। तेज गर्मी के कारण उन्हें दस्त लग गए थे। अंग्रेजों ने जेल में उनका इलाज नहीं होने दिया, जिसके कारण मेरे पिता की मृत्यु हो गई। इसलिए अत्यधिक गर्मी से बचें और पर्याप्त पानी पीते रहें।”
सोशल मीडिया पर कई यूजर्स इस ग्राफिक को असली मानकर शेयर कर रहे हैं।
जांच में क्या सामने आया?
दावे की सत्यता जांचने के लिए संबंधित कीवर्ड्स और प्रधानमंत्री मोदी के ‘मन की बात’ के 133वें एपिसोड से जुड़े आधिकारिक रिकॉर्ड खंगाले गए। लेकिन किसी भी विश्वसनीय समाचार रिपोर्ट, आधिकारिक ट्रांसक्रिप्ट या मीडिया कवरेज में ऐसा कोई बयान नहीं मिला।
इसके बाद प्रधानमंत्री के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध 26 अप्रैल 2026 को प्रसारित ‘मन की बात’ के 133वें एपिसोड की पूरी वीडियो की समीक्षा की गई। जांच में पाया गया कि प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम में ऐसा कोई बयान नहीं दिया था।
NBT ने भी बताया फर्जी
जांच के दौरान नवभारत टाइम्स (NBT) के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की भी पड़ताल की गई। वहां यह वायरल ग्राफिक प्रकाशित नहीं मिला।
इसके विपरीत, NBT की ओर से जारी एक स्पष्टीकरण में कहा गया कि वायरल ग्राफिक फर्जी है और इसे उनकी संपादकीय टीम ने न तो बनाया है और न ही प्रकाशित किया है।
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर NBT के नाम से कई फर्ज़ी पोस्ट वायरल की जा रही हैं, जिनके माध्यम से भ्रामक और गलत जानकारी फैलाने की कोशिश की जा रही है।
कृपया सावधान रहें — ये सभी पोस्ट पूरी तरह फेक हैं। NBT के नाम का गलत इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।… pic.twitter.com/o4aVVENQxD
— NBT Hindi News (@NavbharatTimes) June 8, 2026
NBT ने स्पष्ट किया कि कुछ अज्ञात लोगों ने उनके लोगो और ग्राफिक डिजाइन का दुरुपयोग कर भ्रामक सामग्री तैयार की और सोशल मीडिया पर प्रसारित की।
फैक्ट चेक में यह स्पष्ट हुआ कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जोड़कर वायरल किया जा रहा बयान पूरी तरह फर्जी है। इसके समर्थन में कोई आधिकारिक रिकॉर्ड या विश्वसनीय स्रोत मौजूद नहीं है। साथ ही, नवभारत टाइम्स ने भी इस ग्राफिक को नकली बताया है इसलिए सोशल मीडिया पर प्रसारित यह दावा भ्रामक और मनगढ़ंत है तथा लोगों को इसे साझा करने से बचना चाहिए।





