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दिल्ली हाईकोर्ट ने रद्द की केजरीवाल सरकार की डोर टू डोर राशन स्कीम

दिल्ली हाईकोर्ट ने रद्द की केजरीवाल सरकार की डोर टू डोर राशन स्कीम

दिल्ली सरकार को हाईकोर्ट से बड़ा झटका मिला है। हाईकोर्ट ने गुरुवार को दिल्ली सरकार की डोर टू डोर राशन डिलीवरी योजना पर रोक लगा दी है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विपिन संघी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह ने कहा कि घर-घर चीजें पहुंचाने के लिए दिल्ली सरकार कोई और योजना लाने के लिए स्वतंत्र है, लेकिन वह केंद्र सरकार की ओर से उपलब्ध कराए गए अनाज का इस्तेमाल घर-घर पहुंचाने की योजना के लिए नहीं कर सकती। दिल्ली सरकारी राशन डीलर्स संघ और दिल्ली राशन डीलर्स यूनियन की ओर से दायर याचिकाओं पर हाई कोर्ट ने 10 जनवरी को आदेश सुरक्षित रख लिया था।

बता दें कि डीलर्स संघ द्वारा दायर की गयी याचिका में मांग की गयी थी कि भारतीय खाद्य निगम को सख्ती से यह सुनिश्चित करने का निर्देश दें कि दिल्ली सरकार को पीडीएस के तहत खाद्यान्न की आपूर्ति खाद्य, सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत तय मानकों के अनुसार हो।  याचिकाकर्ताओं के इस तर्क का भी केंद्र सरकार ने समर्थन किया था कि उचित मूल्य की दुकानें खाद्य सुरक्षा अधिनियम का अभिन्न अंग हैं, जो डोर स्टेप राशन डिलीवरी स्कीम चालू होने से बर्बाद हो जाएंगे।

दिल्ली सरकार ने साल की शुरुआत में डोर टू डोर राशन डिलीवरी योजना लांच की थी। इसमें दिल्ली सरकार की 40 आवश्यक सेवाएं घर पर ही प्राप्त हो रही थीं। इसके लिए उन्हें सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने या किसी एजेंट को अतिरिक्त पैसे खिलाने की जरूरत नहीं पड़ती थी। सरकार ने इसमें 35 और सेवाएं जोड़ी थीं। दिल्ली में रहने वाला आम घर बैठे ही सरकारी सेवा का लाभ उठा सकता है. कैसे सरकारी सेवा प्राप्त करने के लिए अप्पोइटमेंट ले, कौन कौन सी सर्विस का फायदा आपको घर पर मिलेगा, यह सारी जानकारी आपको इसके पोर्टल पर दी गई थी.

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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