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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने लॉन्च किया ‘Bharatiya Antariksh Hackathon 2026’

नई दिल्ली: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने ‘भारतीय अंतरिक्ष हैकथॉन’ (Baharatiya Antariksh Hackathon – BAH) के तीसरे संस्करण का ऐलान कर दिया है। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों के बीच अंतरिक्ष और जलवायु से जुड़ी चुनौतियों के लिए समाधान खोजना है। इस पहल को इनोवेशन प्लेटफॉर्म Hack2skill के साथ मिलकर शुरू किया गया है, ताकि भारत के स्पेस-टेक इकोसिस्टम को मजबूत किया जा सके।

क्या है यह हैकथॉन?

इस हैकथॉन में ISRO ने कुल 15 ‘प्रॉब्लम स्टेटमेंट’ जारी किए हैं, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), जलवायु मॉडलिंग, उपग्रह इमेजरी, चंद्र अन्वेषण और अंतरिक्ष विज्ञान जैसे क्षेत्रों से जुड़े हैं। प्रतिभागी AI-आधारित डिजिटल ट्विन, चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर बर्फ का पता लगाने और सौर फ्लेयर्स की भविष्यवाणी जैसे जटिल विषयों पर काम करेंगे। यह कार्यक्रम छात्रों के लिए एक बड़ा अवसर है।

कौन ले सकता है भाग?

  • यह हैकथॉन केवल मान्यता प्राप्त भारतीय संस्थानों के स्नातक (undergraduate), स्नातकोत्तर (postgraduate), PhD छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए है।

  • वर्किंग प्रोफेशनल्स इसमें भाग नहीं ले सकते।

  • प्रतिभागियों को 3 से 4 सदस्यों की टीम बनानी होगी। इसमें अलग-अलग कॉलेजों या विश्वविद्यालयों के छात्र भी मिलकर टीम बना सकते हैं।

महत्वपूर्ण तिथियाँ

  • पंजीकरण और आइडिया सबमिशन: 10 जून, 2026 से शुरू होकर 1 जुलाई, 2026 तक।

  • एक्सप्लेनर सेशन: 15 और 16 जून, 2026।

  • शॉर्टलिस्ट की घोषणा: 20 जुलाई, 2026।

  • ग्रैंड फिनाले: 6 और 7 अगस्त, 2026 (30 घंटे का कार्यक्रम)।

छात्रों को मिलने वाले लाभ

भागीदारी पूरी तरह से मुफ्त है और आधिकारिक Hack2skill पोर्टल के माध्यम से की जा सकती है। प्रवेश स्तर पर किसी प्रोटोटाइप की आवश्यकता नहीं है, केवल वैचारिक प्रस्ताव (conceptual proposals) जमा करने हैं। फाइनलिस्ट को ISRO के वैज्ञानिकों से मेंटरशिप मिलेगी, उन्हें इंटर्नशिप के लिए भी विचार किया जा सकता है, और फिनाले के लिए यात्रा खर्च (II AC किराया) का रिइम्बर्समेंट भी दिया जाएगा।

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