राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ऐतिहासिक मोल्दोवा यात्रा, कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर बनी सहमति

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को मोल्दोवा की ऐतिहासिक राजकीय यात्रा की। यह पहली बार है जब किसी भारतीय राष्ट्रपति ने मोल्दोवा का राजकीय दौरा किया है। इस दौरान उन्होंने मोल्दोवा की राष्ट्रपति माया सांडू से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
चिसिनाउ स्थित राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति मुर्मू का औपचारिक स्वागत किया गया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के बीच बैठक हुई, जिसमें व्यापार, शिक्षा, कृषि, स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल तकनीक और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
संयुक्त प्रेस वार्ता में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि भारत और मोल्दोवा के संबंध पिछले तीन दशकों से मजबूत और मित्रतापूर्ण रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने नई तकनीक, कृषि, स्वास्थ्य, दवा उद्योग, नवीकरणीय ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है।
राष्ट्रपति ने कहा कि आर्थिक सहयोग दोनों देशों की साझेदारी का महत्वपूर्ण आधार है। व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने, सप्लाई चेन मजबूत करने और दोनों देशों के कारोबारियों के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत-मोल्दोवा बिजनेस फोरम से व्यापारिक रिश्तों को नई गति मिलेगी।
शिक्षा के क्षेत्र में भारत ने मोल्दोवा के पेशेवरों के लिए ITEC प्रशिक्षण कार्यक्रम की सीटें दोगुनी करने का फैसला किया है। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अन्य नई तकनीकों से जुड़े विशेष प्रशिक्षण भी शामिल होंगे। राष्ट्रपति मुर्मू ने मोल्दोवा को ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस (GBA) और कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर (CDRI) से जुड़ने का भी निमंत्रण दिया।
वैश्विक मुद्दों पर राष्ट्रपति ने कहा कि भारत हमेशा विवादों के समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति का समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि दोनों देश मिलकर शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए काम करेंगे।
राष्ट्रपति ने विश्वास जताया कि यह यात्रा भारत और मोल्दोवा के रिश्तों को नई मजबूती देगी और दोनों देशों के बीच भविष्य में सहयोग और भी बढ़ेगा।





