
अयोध्या के राम मंदिर परिसर में हुई चोरी की घटना को लेकर SIT काफी गंभीरता से जांच कर रही है। मंदिर परिसर में तीन दिनों तक चली सघन पूछताछ और जांच-पड़ताल के दौरान SIT ने सुरक्षा प्रणालियों, रिकॉर्ड किए गए फुटेज और सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की है। सूत्रों के अनुसार, जांच अब उन कर्मचारियों पर केंद्रित हो गई है जो CCTV नेटवर्क की निगरानी और प्रबंधन के लिए जिम्मेदार थे।
सुरक्षा पर उठे सवाल
जांच के दौरान यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि पिछले 11 महीनों में मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर लगभग 10 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इतनी भारी भरकम राशि खर्च होने के बावजूद चोरी की घटना ने सुरक्षा तंत्र की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
200 लोगों से होगी पूछताछ
SIT इस मामले में सुरक्षा ढांचे में किसी भी प्रकार की लापरवाही या मिलीभगत की जांच कर रही है। अब तक 125 से अधिक लोगों से पूछताछ की जा चुकी है, जिनमें से कई लोगों को दोबारा बुलाया गया है। जांच टीम ने लगभग 200 लोगों की एक सूची तैयार की है, जिनसे इस मामले में पूछताछ की जानी है।
इस कड़ी में रामशंकर यादव (उर्फ टिन्नू यादव) से भी घंटों पूछताछ की गई है। साथ ही, SIT मंदिर के दान की गिनती की प्रक्रिया और इसमें शामिल बैंक की भूमिका की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि यदि कोई बड़ी साजिश है, तो उसका पर्दाफाश जल्द ही हो जाएगा।





