यमन से इजरायल पर मिसाइल हमला: हूती विद्रोहियों की एंट्री से बढ़ा तनाव

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच यमन के Houthis विद्रोहियों ने इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया है। यह हमला ईरान से जुड़े मौजूदा संघर्ष के बीच पहली सीधी कार्रवाई माना जा रहा है। इजरायली सेना Israel Defense Forces ने दावा किया है कि मिसाइल को सफलतापूर्वक हवा में ही नष्ट कर दिया गया।
हूती विद्रोहियों ने हमले की जिम्मेदारी ली
हूती समूह ने इस हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि उन्होंने इजरायल के “संवेदनशील सैन्य ठिकानों” को निशाना बनाते हुए कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। उनका कहना है कि यह कार्रवाई ईरान और उसके सहयोगियों पर हो रहे हमलों के जवाब में की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक क्षेत्र में “आक्रामक कार्रवाई” बंद नहीं होती, तब तक उनके हमले जारी रहेंगे।
संघर्ष के और बढ़ने की आशंका
इस हमले के बाद अब यह आशंका बढ़ गई है कि यह संघर्ष और ज्यादा फैल सकता है। खासकर यमन के हूती विद्रोहियों की एंट्री से क्षेत्रीय स्थिरता पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। अमेरिकी नेता Marco Rubio ने हाल ही में कहा था कि अमेरिका की सैन्य कार्रवाई कुछ हफ्तों में खत्म हो सकती है, लेकिन ताजा घटनाक्रम ने स्थिति को और जटिल बना दिया है।
वैश्विक व्यापार और समुद्री मार्ग पर खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि हूती विद्रोहियों की सक्रियता से अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी असर पड़ सकता है। पहले भी यह समूह लाल सागर में जहाजों को निशाना बना चुका है, जिससे कई शिपिंग कंपनियों को अपने रास्ते बदलने पड़े थे। इससे ट्रांजिट समय और लागत दोनों बढ़ गई थी। अब एक बार फिर ऐसे हमलों से वैश्विक सप्लाई चेन पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है, खासकर Strait of Hormuz जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर।
पहले भी कर चुके हैं ऐसे हमले
हूती विद्रोही 2014 से यमन के बड़े हिस्से पर नियंत्रण रखते हैं और पहले भी 2023 में लाल सागर में जहाजों पर हमले और इजरायल की ओर मिसाइलें दाग चुके हैं। उस समय भी कई अंतरराष्ट्रीय जहाजों को अफ्रीका के रास्ते लंबा सफर तय करना पड़ा था।





