देश में मौसम का कहर: पंजाब से बिहार तक मौसम विभाग का अलर्ट

देश भर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है. पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी का सिलसिला जारी है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जो ताजा चेतावनी जारी की है, वह चिंताजनक है. आगामी सात दिनों में मौसम की स्थिति और बिगड़ने वाली है. तीन पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर भारत में तबाही मचाने के लिए तैयार हैं. मौसम विभाग के मुताबिक इन दिनों तूफानी हवाएं चलेंगी, बारिश का दौर चलेगा और ओलावृष्टि से भी जूझना पड़ेगा. साथ ही कड़ाके की ठंड वाली हवाओं से कंपकंपी बढ़ेगी. पंजाब से बिहार तक का पूरा इलाका खराब मौसम की चपेट में आने वाला है.
अगले सात दिन रहेंगे चुनौतीपूर्ण
मौसम विभाग की मानें तो यह सिर्फ शुरुआत भर है. एक पश्चिमी विक्षोभ पहले से ही सक्रिय हो चुका है. दूसरा पश्चिमी विक्षोभ 5 फरवरी की रात को दस्तक देगा. तीसरा विक्षोभ 8 फरवरी के आसपास अपना असर दिखाने लगेगा. इसका मतलब साफ है कि आने वाले सात दिनों तक मौसम शांत रहने वाला नहीं है. घने कोहरे, बारिश, बर्फबारी और तेज हवाओं का मिला-जुला असर आम जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित करेगा.
राज्यवार मौसम का हालात: किस इलाके में क्या रहेगा असर
दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड यानी पूरा उत्तर भारत बदलते मौसम की जद में है. कई इलाकों में येलो अलर्ट जारी किया गया है तो कुछ जगहों पर ऑरेंज अलर्ट भी है. पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी जारी रहेगी, जबकि मैदानी इलाकों में बारिश और ओलावृष्टि की पूरी आशंका है.
दिल्ली-एनसीआर में पिछले 36 घंटों में हुई बारिश ने सर्दी का एहसास और तीव्र कर दिया है. 4 फरवरी को सुबह और शाम के वक्त घने कोहरे का दौर रहेगा. दृश्यता 50 मीटर से भी कम हो सकती है. दिन के समय हल्की धूप निकलने की संभावना है, लेकिन ठंडी हवाओं से राहत मिलना मुश्किल है. रेल और हवाई सेवाओं में बाधा आने का अंदेशा है.
उत्तर प्रदेश में स्थिति और भी ज्यादा गंभीर बनी हुई है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वांचल तक कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि की आशंका है. तेज हवाएं 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से बहेंगी. अगले 24 घंटों में तापमान में 2 से 4 डिग्री तक की गिरावट दर्ज हो सकती है. कोहरे से लोगों की मुश्किलें और बढ़ जाएंगी.
राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी बारिश का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में आकाशीय बिजली की गड़गड़ाहट के साथ बारिश होने की संभावना है. कई स्थानों पर बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है. राजस्थान के अनेक जिलों में घने कोहरे के कारण दृश्यता कम हो सकती है. वहीं मध्य प्रदेश के भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, रीवा, सतना, सागर और छतरपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रहने के साथ बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है. इससे तापमान में गिरावट आने की पूरी संभावना है.





