दिल्ली पुलिस ने किया अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़, 7 राज्यों से 10 आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली के साउथईस्ट जिले की पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय डिजिटल ठगी और वसूली गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में गिरोह के कथित मास्टरमाइंड समेत कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने यह गिरफ्तारी देश के सात राज्यों में एक साथ की गई छापेमारी के दौरान की।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों को दिल्ली, महाराष्ट्र (मुंबई), केरल, ओडिशा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और हरियाणा से पकड़ा गया है। यह गिरोह देशभर में लोगों को साइबर ठगी का शिकार बना रहा था।
50 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी, 61 शिकायतें दर्ज
जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क ने अब तक 50 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी को अंजाम दिया है। इस मामले से राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज कम से कम 61 शिकायतें जुड़ी हुई हैं। पुलिस के मुताबिक केरल, दिल्ली और मुंबई इस गिरोह के मुख्य ऑपरेशन सेंटर थे।
फिलहाल सभी 10 आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ जारी है।
फर्जी लोन ऐप, नकली नौकरी और गेमिंग प्लेटफॉर्म से करते थे ठगी
पुलिस जांच में पता चला है कि यह गिरोह फर्जी लोन ऐप, झूठे नौकरी के ऑफर और धोखाधड़ी वाले ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाता था। गृह मंत्रालय (MHA) से मिली जानकारी के बाद यह मामला दर्ज किया गया, जिसमें डिजिटल लोन और नौकरी से जुड़ी ठगी की शिकायतों में बढ़ोतरी की बात सामने आई थी।
CBI जांच में शेल कंपनियों का खुलासा
इस केस के तार केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी जांच से भी जुड़े हैं। 14 दिसंबर को CBI ने इस मामले में 17 आरोपियों, जिनमें चार विदेशी नागरिक भी शामिल हैं, और 58 कंपनियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
जांच के दौरान सामने आया कि इस नेटवर्क ने 111 शेल कंपनियां बनाई थीं, जिन्हें फर्जी दस्तावेजों और डमी डायरेक्टरों के नाम पर खड़ा किया गया था। इन्हीं कंपनियों के जरिए ठगी की रकम को घुमाया जाता था।
ऑपरेशन चक्र-V के तहत कार्रवाई
पुलिस और CBI ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, साजिश, जालसाजी, फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल और अनियमित जमा योजना निषेध अधिनियम, 2019 के तहत मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई CBI के ‘ऑपरेशन चक्र-V’ के तहत की जा रही है, जिसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध गिरोहों पर शिकंजा कसना है।





