US-Iran War: शांति वार्ता के बीच दक्षिणी ईरान पर अमेरिकी हमला, होर्मुज जलडमरूमध्य फिर बना तनाव का केंद्र

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। शांति वार्ता के समानांतर अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में नए सैन्य हमले किए हैं। अमेरिकी सेना का दावा है कि उसने उन ठिकानों को निशाना बनाया जहां से मिसाइल गतिविधियों और होर्मुज जलडमरूमध्य के पास समुद्री माइंस बिछाने की कोशिश की जा रही थी।
ये कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब कतर की राजधानी दोहा में ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध समाप्त करने को लेकर उच्चस्तरीय बातचीत जारी है।
दक्षिणी ईरान में अमेरिकी कार्रवाई
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, सेना ने दक्षिणी ईरान के बंदर अब्बास क्षेत्र के आसपास कई लक्ष्यों पर कार्रवाई की। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि यह हमला “आत्मरक्षा” के तहत किया गया।
सेना के मुताबिक जिन ठिकानों को निशाना बनाया गया उनमें:
- कथित मिसाइल लॉन्च साइट्स
- समुद्री गतिविधियों में शामिल नावें
- होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास संभावित सैन्य तैयारी वाले क्षेत्र शामिल थे
CENTCOM प्रवक्ता टिम हॉकिन्स ने कहा कि अमेरिका संघर्ष विराम का सम्मान कर रहा है, लेकिन सैनिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।
क्यों महत्वपूर्ण है बंदर अब्बास?
बंदर अब्बास ईरान का रणनीतिक समुद्री केंद्र माना जाता है। यह होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित है, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल परिवहन होता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक यदि इस क्षेत्र में तनाव बढ़ता है तो:
- वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें प्रभावित हो सकती हैं
- ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ सकता है
- अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार में बाधा आ सकती है
ईरान की प्रतिक्रिया
ईरानी सरकारी मीडिया ने बंदर अब्बास क्षेत्र में कई विस्फोटों की पुष्टि की है।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के अनुसार:
- बंदर अब्बास एयरपोर्ट के पास धमाके सुने गए
- एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय किए गए
- “शत्रुतापूर्ण लक्ष्यों” को रोकने की कोशिश की गई
फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, फारस की खाड़ी के तटीय इलाकों सिरिक और जास्क में भी धमाकों की आवाजें सुनी गईं।
हालांकि, ईरान ने अभी तक अमेरिकी हमलों पर आधिकारिक जवाब नहीं दिया है।
दोहा वार्ता जारी, लेकिन समझौता अभी दूर
तनाव के बावजूद दोहा में वार्ता जारी है।
ईरानी प्रतिनिधिमंडल में शामिल हैं:
- मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गालिबाफ
- विदेश मंत्री अब्बास अराघची
- केंद्रीय बैंक गवर्नर अब्दोलनासेर हेम्मती
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघेई ने कहा कि बातचीत में “कुछ प्रगति” हुई है, लेकिन अंतिम समझौता अभी निकट नहीं दिख रहा।
रिपोर्ट्स के अनुसार चर्चा के प्रमुख मुद्दे हैं:
- ईरान का परमाणु कार्यक्रम
- होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा
- ईरानी संपत्तियों की संभावित रिहाई
- क्षेत्रीय स्थिरता
ट्रंप का नया बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के समृद्ध यूरेनियम को या तो अमेरिका को सौंपा जाना चाहिए या अंतरराष्ट्रीय निगरानी में नष्ट किया जाना चाहिए।
ट्रंप ने साथ ही यह भी कहा कि क्षेत्रीय शांति व्यवस्था के लिए कई देशों को अब्राहम समझौते में शामिल होना चाहिए।
हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि ये शर्तें मौजूदा बातचीत का औपचारिक हिस्सा हैं या नहीं।





