ओडिशा में बड़ा हादसा: सेप्टिक टैंक में गिरने के बाद बचाने उतरे 5 लोग भी नहीं लौटे, 6 की मौत

ओडिशा के कालाहांडी जिले से मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां निर्माणाधीन सेप्टिक टैंक में दम घुटने की आशंका के चलते छह लोगों की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब एक व्यक्ति को बचाने के लिए एक-एक कर कई लोग टैंक के अंदर उतर गए और जहरीली गैस या ऑक्सीजन की कमी की चपेट में आ गए।
पुलिस के अनुसार, यह घटना कालाहांडी जिले के मदनपुर-रामपुर थाना क्षेत्र के गौड़ा कार्लाखुंटा गांव में हुई। हादसे में एक अन्य व्यक्ति की तबीयत भी बिगड़ी, जिसका अस्पताल में इलाज जारी है।
कैसे हुआ हादसा?
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, निर्माण कार्य के दौरान सेप्टिक टैंक का एक हिस्सा खोला गया था। इसी दौरान टैंक का निर्माण करा रहे व्यक्ति का संतुलन बिगड़ा और वह अंदर गिर गया।
उसे बचाने के लिए आसपास मौजूद अन्य लोग भी एक-एक कर टैंक में उतरते गए। लेकिन कुछ ही देर में सभी अंदर फंस गए। आशंका जताई जा रही है कि टैंक के भीतर जहरीली गैस जमा होने या ऑक्सीजन की कमी के कारण लोगों की जान चली गई।
स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से सभी को बाहर निकाला गया और मदनपुर-रामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने छह लोगों को मृत घोषित कर दिया।
मृतकों की पहचान
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान निमाई पाल (48), उनके बेटे आकाश पाल (28), आदल मांझी (55), मनोरंजन हाटी (27), छंदा जाल (32) और बिपुल जाल (30) के रूप में हुई है।
एक अन्य व्यक्ति पंकज यानि (32) का इलाज जारी है।
सरकार ने किया मुआवजे का ऐलान
घटना पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने गहरा दुख जताया और मृतकों के परिजनों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
इसके अलावा जिला प्रशासन ने अंतिम संस्कार के लिए मृतकों के परिवारों को तत्काल 30-30 हजार रुपये की सहायता जारी की है।
जांच जारी, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
पुलिस ने बताया कि मौत के सही कारणों की जांच की जा रही है। वहीं राज्य सरकार ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निर्माण स्थलों पर सुरक्षा उपायों की समीक्षा की बात कही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सेप्टिक टैंक, सीवर या बंद जगहों में बिना सुरक्षा उपकरण और गैस जांच के प्रवेश करना बेहद खतरनाक हो सकता है।





