
25 मई, 2026 को भारतीय शेयर और विदेशी मुद्रा बाजार में सकारात्मक शुरुआत देखने को मिली। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 40 पैसे की मजबूती के साथ 95.20 के स्तर पर खुला। इस तेजी का मुख्य कारण वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव में कमी की उम्मीदें हैं।
बाजार में तेजी के प्रमुख कारण
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच लगभग तीन महीने से चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए एक शांति समझौते की दिशा में ‘बड़ी प्रगति’ हुई है। इस खबर ने वैश्विक बाजारों में निवेशकों का उत्साह बढ़ाया है, जिसका सीधा असर भारतीय मुद्रा पर दिखाई दिया। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि वार्ताकारों को “जल्दबाजी में कोई समझौता नहीं करना चाहिए” और दोनों पक्षों को इसे सही ढंग से सुलझाने के लिए पर्याप्त समय लेना चाहिए।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर नजर
बाजार की नजरें भारत और अमेरिका के बीच होने वाले बहुप्रतीक्षित व्यापार समझौते पर भी टिकी हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, जो वर्तमान में भारत की चार दिवसीय यात्रा पर हैं, ने हाल ही में विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ व्यापक बातचीत की है। इन चर्चाओं का मुख्य केंद्र व्यापार, महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देना है। रुबियो ने संकेत दिया है कि दोनों देश एक अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के करीब हैं।
आर्थिक परिदृश्य
एक ओर जहाँ रुपया मजबूत हुआ है, वहीं दूसरी ओर विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने शुक्रवार को ₹4,440.47 करोड़ के इक्विटी शेयर बेचे हैं। इसके अलावा, भारत का विदेशी मुद्रा भंडार भी 15 मई को समाप्त सप्ताह में $8.094 बिलियन घटकर $688.894 बिलियन रह गया है।
बाजार के जानकारों का मानना है कि भले ही आज अमेरिकी अवकाश के कारण नकदी की मांग कम रह सकती है, लेकिन महीने के अंत की मांग और आरबीआई (RBI) की डॉलर पर सतर्क निगरानी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।





