कौन है अनमोल बिश्नोई? बाबा सिद्दीकी मर्डर केस का मुख्य साज़िशकर्ता

मुंबई में एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या के “मुख्य साज़िशकर्ता” माने जाने वाले गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई को अमेरिका से निर्वासित कर दिया गया है। वह बुधवार को भारत पहुंचने वाला है। उसकी आगमन से पहले एनआईए और दिल्ली पुलिस के अधिकारी इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर तैनात कर दिए गए।
पूर्व ईडी चीफ़ और आईपीएस अधिकारी करणाल सिंह के मुताबिक, किसी भी आरोपी की प्रत्यर्पण प्रक्रिया एक जटिल कूटनीतिक प्रक्रिया होती है, जिसमें न्यायिक और सरकारी स्तर पर कई चरण शामिल होते हैं। उन्होंने कहा, “अनमोल का extradition हमारी एजेंसियों के लिए आगे कई अन्य अपराधियों को वापस लाने में मददगार साबित हो सकता है।”
अनमोल, कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का छोटा भाई है। वह विदेश से ही अपने गैंग के लिए काम करता था। उसका संबंध पंजाब के फाज़िल्का से है और वह गैंग के प्रमुख सदस्यों में से एक माना जाता है। अनमोल दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में दर्ज 18 से ज्यादा गंभीर मामलों में वांछित है। इनमें शामिल हैं—
-
मुंबई में बाबा सिद्दीकी पर हमला
-
बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के घर पर फायरिंग
-
पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या में लॉजिस्टिक सपोर्ट (हथियार-मदद) देना
एनआईए ने भी उसे अपनी मोस्ट वांटेड लिस्ट में रखा था और उसकी गिरफ्तारी पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। एनआईए ने दो मामलों में उसके खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की है।
उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस दिसंबर 2022 में जारी हुआ था।
अधिकारियों के अनुसार, अनमोल 2022 में मूसेवाला की हत्या से एक महीने पहले ही फर्जी नाम ‘भानु प्रताप’ और फरीदाबाद का नकली पता इस्तेमाल कर अमेरिका भाग गया था। नवंबर 2024 में अमेरिकी अधिकारियों ने उसे फर्जी दस्तावेज़ों पर यात्रा करने के आरोप में गिरफ्तार किया, बाद में उसे एक एंकल ट्रैकर लगाकर रिहा कर दिया गया।
भारत ने जनवरी 2024 में उसके प्रत्यर्पण की औपचारिक मांग की थी। अमेरिका ने मार्च 2025 में उससे जुड़े मामलों, सबूतों और वित्तीय जानकारी की मांग की थी। अनमोल ने अमेरिका में शरण (Asylum) की याचिका भी दायर की थी, जिसे लुइज़ियाना की अदालत ने खारिज कर दिया।
एजेंसी सूत्रों के मुताबिक, अनमोल ही लॉरेंस और उसके पुराने साथी गोल्डी ब्रार के बीच विवाद की बड़ी वजह है। गोल्डी ब्रार भी विदेश में बैठकर गैंग चला रहा है। सूत्रों का कहना है कि लॉरेंस बिश्नोई अमेरिका में अनमोल के केस को लेकर गोल्डी ब्रार और रोहित गोडारा से नाराज़ था, क्योंकि उन्होंने समय पर उसके लिए बेल बॉन्ड में मदद नहीं की।
अधिकारियों का कहना है कि इस विवाद और दोनों के नए गैंग सिंडिकेट बनने से पंजाब, हरियाणा और दिल्ली पुलिस को अतिरिक्त चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। यह निर्वासन भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि अनमोल बिश्नोई लंबे समय से विदेश में रहकर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहा था।





