साइबर धोखाधड़ी में फंसा द्र रेड्डीज़, फर्जी अकाउंट में ट्रांसफर हुआ पैसा

फार्मा कंपनी Dr Reddy’s Laboratories को लगभग 2.16 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। यह मामला तब सामने आया जब धोखेबाजों ने कंपनी के एक आधिकारिक ईमेल थ्रेड में सेंध लगाकर भुगतान को एक फर्जी बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करा दिया।
गुरुवार, 3 नवंबर को कथित तौर पर हैकर्स ने Dr Reddy’s और Group Pharmaceuticals के बीच ईमेल संवाद में घुसपैठ की। इसके बाद उन्होंने Dr Reddy’s के वित्त और अकाउंट्स टीम से संपर्क किया और खुद को Group Pharmaceuticals के अधिकारी बताकर फर्जी बैंक अकाउंट की जानकारी साझा की। इसके चलते 4 नवंबर को Dr Reddy’s Laboratories ने 2.16 करोड़ रुपये फर्जी अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए।
Group Pharmaceuticals के वरिष्ठ अधिकारी महेश बाबू के ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस से फर्जी अकाउंट को फ्रीज करने और पैसे वापस लेने की कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने 5 नवंबर को मामला दर्ज कर जांच शुरू की, जिसमें सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के प्रावधानों और भारतीय न्याय संहिता की धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
पुलिस की जांच
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शुरुआती जांच में फर्जी बैंक अकाउंट का पता वडोदरा, गुजरात में लगा।
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पैसे को कई छोटे अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया गया, लेकिन मुख्य अकाउंट को फ्रीज कर दिया गया है।
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पुलिस अब कई बैंकों के साथ समन्वय कर पैसे की रिकवरी की कोशिश कर रही है।
इस मामले की साइबर फ्रॉड जांच अभी जारी है।





