Cyber Slavery: CBI की 4 राज्यों में बड़ी छापेमारी, लखनऊ से एक गिरफ्तार

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 6 मई, 2026 को मानव तस्करी और “साइबर गुलामी” (cyber slavery) के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश करने के लिए देशव्यापी अभियान चलाया। CBI ने चार राज्यों के नौ स्थानों पर एक साथ छापेमारी की, जिसमें दिल्ली, मुंबई और उत्तर प्रदेश के कई शहर शामिल थे।
क्या है पूरा मामला?
अधिकारियों के अनुसार, यह जांच भारतीय नागरिकों को दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों (Southeast Asian nations) में तस्करी कर भेजने से जुड़ी है। इन निर्दोष लोगों को विदेशों में “आकर्षक और उच्च वेतन वाली नौकरियों” (high-paying employment) का झांसा दिया जाता था। लेकिन एक बार वहां पहुँचने के बाद, उन्हें म्यांमार और कंबोडिया जैसे देशों में “स्कैम कंपाउंड्स” (scam compounds) में रखा जाता था।
‘Cyber Slavery’ की भयानक सच्चाई
जांच में खुलासा हुआ है कि पीड़ितों को जबरन साइबर अपराध और धोखाधड़ी के कार्यों में लगाया जाता था। इस स्थिति को “साइबर गुलामी” कहा गया है, जहाँ लोगों को बंधक बनाकर उनसे अवैध डिजिटल गतिविधियाँ करवाई जाती हैं।
CBI की कार्रवाई और गिरफ्तारियां
CBI ने इस मामले में उत्तर प्रदेश के लखनऊ से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। छापेमारी के मुख्य केंद्र निम्नलिखित रहे:
• दिल्ली और मुंबई।
• उत्तर प्रदेश: लखनऊ, गोंडा, सहारनपुर।
• उत्तराखंड: काशीपुर।
अधिकारियों का कहना है कि यह नेटवर्क बहुत फैला हुआ है और इसमें शामिल अन्य आरोपियों की पहचान के लिए जांच जारी है। यह कार्रवाई उन गिरोहों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो रोजगार के नाम पर युवाओं के भविष्य और जान से खिलवाड़ कर रहे हैं।





