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Hantavirus का खतरा: क्रूज शिप पर ‘ह्यूमन-टू-ह्यूमन’ संक्रमण की पुष्टि

हाल ही में अटलांटिक महासागर में यात्रा कर रहे एक क्रूज शिप, MV Hondius, पर हेंटावायरस (Hantavirus) के प्रकोप ने दुनिया भर के स्वास्थ्य विशेषज्ञों को चिंता में डाल दिया है। दक्षिण अफ्रीकी स्वास्थ्य अधिकारियों ने इस प्रकोप में हेंटावायरस के दुर्लभ ‘एंडीज स्ट्रेन’ (Andes strain) की पुष्टि की है, जो इंसानों से इंसानों में फैलने में सक्षम माना जाता है।

क्या है पूरा मामला?

अर्जेंटीना और केप वर्डे के बीच यात्रा कर रहे इस जहाज पर सवार लगभग 150 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों में से कई लोग बुखार और सांस की तकलीफ जैसे लक्षणों से पीड़ित हुए। अधिकारियों के अनुसार, अब तक एक मामले की लैब में पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई संदिग्ध मामले सामने आए हैं और तीन लोगों की मौत हो गई है, जिनमें एक डच जोड़ा भी शामिल है।

इंसान से इंसान में संक्रमण: एक दुर्लभ अपवाद

आमतौर पर हेंटावायरस संक्रमित चूहों के मल-मूत्र या लार के संपर्क में आने से फैलता है। लेकिन एंडीज ऑर्थोहेंटावायरस (Andes orthohantavirus) एक ऐसा दुर्लभ अपवाद है जो करीबी संपर्क, श्वसन बूंदों (respiratory droplets) या शारीरिक तरल पदार्थों के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है।

स्वास्थ्य अधिकारियों की प्रतिक्रिया

दक्षिण अफ्रीका के स्वास्थ्य मंत्री आरोन मोत्सोलेदी ने बताया कि इस तरह का संक्रमण बहुत दुर्लभ है और केवल बहुत करीबी संपर्क के कारण होता है। वर्तमान में, संक्रमण को और अधिक फैलने से रोकने के लिए हवाई अड्डे और अस्पताल के संपर्क में आए लगभग 90 लोगों की ट्रेसिंग की जा रही है।

क्या आम जनता को डरने की जरूरत है?

विशेषज्ञों का कहना है कि आम जनता के लिए जोखिम अभी भी कम है। हेंटावायरस का सामुदायिक स्तर पर निरंतर प्रसार नहीं देखा गया है, और पिछले प्रकोपों में भी संक्रमण की कड़ियाँ सीमित रही हैं। हालांकि, क्रूज शिप जैसे बंद वातावरण में संक्रमण के दुर्लभ रास्ते अधिक स्पष्ट हो सकते हैं, इसलिए अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य निगरानी बढ़ा दी गई है।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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