दिल्ली के बुजुर्ग दंपत्ति से 14.85 करोड़ की ठगी: क्या है यह ‘Digital Arrest’ स्कैम?

दिल्ली के ग्रेटर कैलाश में एक चौंकाने वाला साइबर फ्रॉड का मामला सामने आया है, जहाँ एक बुजुर्ग दंपत्ति को ₹14.85 करोड़ का चूना लगाया गया। यह पूरी घटना एक सामान्य फोन कॉल से शुरू हुई और देखते ही देखते दंपत्ति के लिए एक डरावना सपना बन गई।
कैसे जाल में फंसाया गया?
ठगों ने खुद को टेलीकॉम और रेगुलेटरी अधिकारी बताकर दंपत्ति से संपर्क किया। उन्होंने पीड़ित महिला को विश्वास दिलाया कि उसका मोबाइल नंबर एक गंभीर मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ा है। इसके बाद कई दिनों तक उन्हें “Digital Arrest” के नाम पर मनोवैज्ञानिक दबाव में रखा गया, जिससे वे पूरी तरह डर गए और समाज से कट गए।
ठगी का तरीका और तकनीकी इस्तेमाल
जांच में सामने आया कि यह स्कैम बेहद योजनाबद्ध था:
• मैलिशियस APK फाइल्स: ठगों ने पीड़ित के डिवाइस पर रिमोट एक्सेस पाने के लिए हानिकारक APK फाइल्स का इस्तेमाल किया, जिससे वे उनकी बैंकिंग गतिविधियों की निगरानी कर सके।
• पैसों की लेयरिंग: ठगी गई राशि को कम से कम आठ अलग-अलग खातों में भेजा गया, जिनमें कुछ NGO और निजी फर्में भी शामिल थीं।
• अंतरराष्ट्रीय संबंध: जांचकर्ताओं को इस सिंडिकेट के तार चीन, कंबोडिया, ताइवान और दुबई जैसे देशों से जुड़े होने का संदेह है।
वर्तमान स्थिति
पुलिस ने अब तक कई गिरफ्तारियां की हैं, जो मुख्य रूप से बैंक खातों और लेनदेन को संभाल रहे थे। हालांकि, इस पूरे खेल के मास्टरमाइंड अभी भी फरार हैं। यह मामला दिखाता है कि आधुनिक साइबर अपराधी कितने परिष्कृत और संगठित हो चुके हैं।





