नवरात्रि 2025 का कंफ्यूजन – पंचमी आज या कल?
शारदीय नवरात्रि हर साल 9 दिन तक चलती है, लेकिन इस बार पंचांग के अनुसार यह पर्व 10 दिनों का हो गया है। तिथियों के बदलाव की वजह से कई जगह लोगों के मन में भ्रम है कि आज किस देवी की पूजा करनी चाहिए और कौन-सा रंग पहनना शुभ रहेगा। 26 सितंबर 2025 को नवरात्रि का पाँचवाँ दिन माना जा रहा है। सुबह 9:34 बजे तक चतुर्थी तिथि रही, इसलिए भक्तों ने मां कूष्मांडा की पूजा की। उसके बाद पंचमी तिथि शुरू हो गई। ऐसे में मां स्कंदमाता की मुख्य पूजा कल 27 सितंबर को की जाएगी, जब पंचमी सुबह तक जारी रहेगी।
आज किस देवी की उपासना?
सुबह के समय मां कूष्मांडा की पूजा का महत्व रहा। माना जाता है कि उन्होंने अपनी दिव्य मुस्कान से सृष्टि की रचना की। उनके पूजन से ऊर्जा, ज्ञान और स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है।
मां स्कंदमाता नवरात्रि के पाँचवें दिन पूजी जाती हैं। हालांकि तिथि परिवर्तन के कारण उनकी मुख्य पूजा कल होगी, लेकिन आज से ही भक्त उनकी तस्वीरें और मंत्र साझा कर रहे हैं।
आज का शुभ रंग
नवरात्रि के पाँचवें दिन का रंग हरा है। हरा रंग सौहार्द, समृद्धि और विकास का प्रतीक माना जाता है। भक्त आज हरे रंग के कपड़े और आभूषण पहनते हैं ताकि घर में शांति और नए अवसर आएं।
मां कूष्मांडा की पूजा विधि (25-26 सितंबर)
सुबह स्नान के बाद घर के मंदिर को गंगाजल से शुद्ध करें।
पीले कपड़े पर मां कूष्मांडा की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
उन्हें पीले फूल, मालपुआ, पेड़ा और खासकर सफेद कद्दू का भोग अर्पित करें।
“ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः” मंत्र का जाप करें और आरती करें।
मां स्कंदमाता की पूजा विधि
कमल के फूल और केले का भोग लगाएं।
घी का दीपक जलाकर “ॐ देवी स्कन्दमातायै नमः” मंत्र का जाप करें।
ब्राह्म मुहूर्त, अभिजीत मुहूर्त या संध्या पूजन के समय आराधना करें।
इस तरह याद रखें – 26 सितंबर नवरात्रि का पाँचवाँ दिन है। शुभ रंग हरा है। सुबह मां कूष्मांडा की पूजा करें और मां स्कंदमाता की मुख्य पूजा कल 27 सितंबर को करें।
इस बार नवरात्रि 10 दिनों की हो गई है, यानी भक्तों को भक्ति और उत्सव का एक दिन और मिल गया है।





