गुजरात पुलिस ने चीन से जुड़े बड़े साइबर ठगी रैकेट का किया भंडाफोड़, दो आरोपी गिरफ्तार

गुजरात पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो चीन के एक साइबर गिरोह को हजारों सिम कार्ड मुहैया करा रहे थे। इन सिम कार्ड्स का इस्तेमाल “डिजिटल अरेस्ट” जैसे फर्जी मामलों में किया जाता था, जिसमें लोगों को पुलिस अधिकारी बनकर डराया जाता था और उनके बैंक अकाउंट से पैसे निकलवा लिए जाते थे।
अहमदाबाद के शख्स से ठगे ₹86.22 लाख
इस रैकेट का खुलासा तब हुआ जब जून महीने में अहमदाबाद के एक निवासी से ₹86.22 लाख की ठगी की गई। एक ठग ने खुद को पुलिस अधिकारी बताया और उस व्यक्ति पर मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) का झूठा आरोप लगाकर उसे डराया। उसे फर्जी सुप्रीम कोर्ट का समन भेजा गया और लगातार वीडियो कॉल के जरिए निगरानी में रखा गया। डर के मारे पीड़ित ने अपने बैंक खाते से पैसे ट्रांसफर कर दिए।
आरोपी पहले से जेल में बंद
पुलिस जांच में पता चला कि इस गिरोह के मास्टरमाइंड हैं – ऋषभ भालचंद हसुरकर, जो एक रोबोटिक्स इंजीनियरिंग ग्रेजुएट हैं, और सुरेश राजूभाई गुडिमिनी। दोनों आरोपी पहले से मध्यप्रदेश के पन्ना जिला जेल में एक अन्य साइबर फ्रॉड केस में बंद थे। अहमदाबाद पुलिस ने उन्हें वहां से कस्टडी में लिया।
सैकड़ों फर्जी सिम कार्ड बेचे गए
आरोपियों ने तीन फर्जी कंपनियां – स्टार मल्टी सॉल्यूशन, हसुरकर वेंचर्स प्रा. लि., और हीक्येन मल्टी मैनेजमेंट प्रा. लि. – बनाकर करीब 550 सिम कार्ड खरीदे। इसके अलावा, उन्होंने ब्लैकलिस्टेड सिम कार्ड भी दोबारा एक्टिव कर लिए और कुल मिलाकर करीब 2,500 सिम कार्ड एक एजेंट ‘एच.आर. डैनी’ को मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दिए।
ये सिम कार्ड चीन के साइबर गिरोहों को भेजे गए, जो भारत में लोगों को झूठे केस में फंसा कर उनसे मोटी रकम ऐंठते थे।
पूरे देश में फैला है नेटवर्क
यह साइबर ठगी केवल गुजरात तक सीमित नहीं थी। मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में भी आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट और धोखाधड़ी से जुड़े आईपीसी की धाराओं में केस दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह का नेटवर्क करोड़ों रुपये के साइबर फ्रॉड में शामिल है, और अभी भी कई आरोपी फरार हैं – जिनमें चीन के मास्टरमाइंड और भारत में काम कर रहे लोकल एजेंट शामिल हैं।
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए आगे की जांच कर रही है।





