एक्सपर्ट का दावा: चार्ली किर्क के कातिल को पता था कहाँ करना है वार

अमेरिका के चर्चित कंज़र्वेटिव एक्टिविस्ट और डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी चार्ली किर्क की बुधवार को एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई। चार्ली किर्क, जो टर्निंग प्वॉइंट यूएसए के सह-संस्थापक भी थे, “अमेरिकन कमबैक टूर” के तहत यूटा वैली यूनिवर्सिटी में लोगों को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में करीब 3,000 लोग मौजूद थे। इसी दौरान सवाल-जवाब के सत्र में अचानक गोली चलने की आवाज़ आई और किर्क की गर्दन पर गोली लग गई। वहां अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा टीम ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुँचाया, लेकिन 31 साल के किर्क की कुछ देर बाद मौत हो गई।
पुलिस की शुरुआती जांच में शक जताया गया है कि गोली विश्वविद्यालय के लूसी सेंटर की छत से चलाई गई, जो मंच से लगभग 200 गज दूर है। माना जा रहा है कि हमलावर ने स्नाइपर राइफल का इस्तेमाल किया। दो लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था, लेकिन बाद में दोनों को छोड़ दिया गया। फिलहाल कोई आरोपी पकड़ा नहीं गया है और एफबीआई (FBI) व एटीएफ (ATF) टीमें जांच में जुटी हैं।
सेवानिवृत्त वरिष्ठ पुलिस अधिकारी राकेश कुमार जॉली ने इस हमले को एक “सटीक और सोची-समझी साजिश” बताया। उन्होंने कहा कि हमलावर कोई साधारण व्यक्ति नहीं था, बल्कि उसे हाई-पावर राइफल और टारगेटिंग तकनीक की अच्छी जानकारी थी।
उन्होंने कहा, “शूटर ने न सिर्फ गोली चलाने की सही जगह चुनी, बल्कि कार्यक्रम के शेड्यूल, एंट्री और एग्ज़िट रूट्स और सीसीटीवी से बचने की योजना भी पहले से बना रखी थी। उसने सीधे शरीर के बेहद संवेदनशील हिस्से पर निशाना साधा, जिससे यह साफ है कि हत्या का पूरा इरादा था।”
अभी तक पुलिस ने हथियार या हमले के पीछे की मंशा की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। एफबीआई ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी के पास घटना से जुड़ी कोई जानकारी हो तो वह तुरंत fbi.gov/UtahValleyShooting पर संपर्क करे। सोशल मीडिया पर घटना के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। ये वीडियो न सिर्फ जांच में सबूत बन रहे हैं, बल्कि इस दौर की बढ़ती राजनीतिक हिंसा का भी भयावह संकेत दे रहे हैं।





