“मैं लक्ष्मण, वो मेरे राम”: प्रशांत नायर का अनोखा बयान

अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) की यात्रा से लौटे ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला और गगनयान मिशन की प्रगति को लेकर इसरो ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसरो प्रमुख वी. नारायणन के साथ इस मिशन में शामिल शुभांशु शुक्ला भी मौजूद थे। इसरो चीफ ने शुक्ला को उनके सफल मिशन के लिए बधाई दी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में शुभांशु शुक्ला ने कहा कि उन्हें क्रू ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट में यात्रा करने के लिए बेहतरीन ट्रेनिंग दी गई थी। उन्होंने बताया, “इस मिशन में मेरा रोल मिशन पायलट का था और मुझे कमांडर के साथ समन्वय कर काम करना था। अगर क्रू ड्रैगन में कोई दिक्कत आती, तो उसे संभालना मेरी जिम्मेदारी थी। हमने दो सप्ताह तक अंतरिक्ष में कई तरह के काम किए और वहां से कई तस्वीरें भी लीं। इस मिशन के लिए हमें अलग-अलग देशों में ट्रेनिंग मिली, जिसमें जापान भी शामिल है। एक भारतीय नागरिक के रूप में इस मिशन का हिस्सा बनना मेरे लिए गर्व की बात है।”
इस मिशन के एक और सदस्य प्रशांत बी. नायर भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद थे। उन्होंने शुभांशु शुक्ला की तुलना भगवान राम से करते हुए कहा, “कुछ महीनों बाद दीपावली आएगी। यह वही समय है जब भगवान राम अयोध्या लौटे थे। मेरे लिए आज दीपावली जैसा दिन है, जब हमारा राम यानी शुभांशु शुक्ला वापस आया है और मैं उसका लक्ष्मण हूं। मैं हमेशा अपने इस राम का लक्ष्मण बनने के लिए तैयार रहूंगा।”
नायर ने इसरो टीम की सराहना करते हुए कहा, “राम और लक्ष्मण को जैसे वानर सेना का सहयोग मिला था, वैसे ही हमें इसरो की टीम ने सपोर्ट किया। उनकी मेहनत के बिना यह मिशन संभव नहीं था।” उन्होंने अनुभव को “सत्य, चित, आनंदम” बताते हुए कहा कि अंतरिक्ष से भारत को देखना बेहद अद्भुत अनुभव था।
इसरो प्रमुख वी. नारायणन ने गगनयान मिशन पर बड़ी जानकारी साझा करते हुए कहा कि इस प्रोजेक्ट का 80% काम पूरा हो चुका है, जबकि शेष 20% काम अगले साल मार्च तक खत्म कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा, “हमने पहली बार भारत से एक नागरिक को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन भेजा है। यह इसरो के लिए गर्व का पल है। इस मिशन के दौरान शुरुआत में रॉकेट में तकनीकी गड़बड़ी मिली थी, लेकिन इसरो टीम की सजगता से वह समस्या दूर कर ली गई और सभी यात्री सुरक्षित लौट पाए।”





