गाज़ा में भूख से बेहाल लोगों ने लूटे यूएन के खाद्य ट्रक, गोलीबारी में 21 की मौत, 175 घायल

गाज़ा पट्टी में भुखमरी से जूझ रहे लोगों की हालत बेहद खराब होती जा रही है। संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने शनिवार को जानकारी दी कि गाज़ा में दर्जनों फिलिस्तीनियों ने जबरन यूएन के खाद्य सहायता ट्रकों को रोक लिया और खाने का सामान लूट लिया। ये ट्रक ज़रूरतमंदों तक राहत सामग्री पहुंचाने जा रहे थे, जिनमें ज़्यादातर आटे से भरे हुए थे।
WFP के अनुसार, कुल 77 ट्रकों का काफिला गाज़ा में राहत पहुंचाने के लिए भेजा गया था। लेकिन जैसे ही ये ट्रक गाज़ा पट्टी में दाखिल हुए, हथियारबंद लोगों के साथ सैकड़ों भूखे और हताश फिलिस्तीनी भी उन पर टूट पड़े और सारा सामान लूट लिया।
इसी बीच, रेड क्रॉस अस्पताल की रिपोर्ट के मुताबिक, सहायता प्राप्त करने जा रहे लोगों पर की गई गोलीबारी में 21 लोगों की मौत हो गई, जबकि 175 अन्य घायल हुए हैं। यह गोलीबारी एक इस्राइली समर्थित संगठन के सहायता वितरण केंद्र के पास हुई, जहां बुधवार को स्थानीय लोगों ने कथित तौर पर हमला भी किया था।
गाज़ा में लगभग तीन महीने से चल रही इस्राइली नाकाबंदी ने हालात बेहद खराब कर दिए हैं। यहां के लोगों के सामने अब भोजन का संकट खड़ा हो गया है और अकाल जैसी स्थिति बन चुकी है। कुछ हालिया राहत सामग्री को अनुमति देने के बावजूद, ज़मीनी सच्चाई ये है कि अब भी पर्याप्त मदद गाज़ा तक नहीं पहुंच पा रही है।
यूएन समेत कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने चेतावनी दी है कि यहां की स्थिति और बिगड़ सकती है। खासकर बच्चों को लेकर चिंता और गहरी हो रही है, जिन्हें पर्याप्त पोषण और इलाज नहीं मिल पा रहा है।
इस बीच, इस्राइल और हमास के बीच संघर्षविराम को लेकर बातचीत चल रही है। लेकिन ज़मीनी हकीकत ये है कि गाज़ा के आम लोगों को संघर्षविराम से पहले पेट भरने की ज़रूरत है। जब तक राहत सामग्री सही तरीके से नहीं पहुंचाई जाती, तब तक हालात सुधरने की उम्मीद कम ही है।
गाज़ा में मौजूदा मानवीय संकट ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है, जिसे सुलझाने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाने की ज़रूरत है।





