USCIRF रिपोर्ट पर भारत का कड़ा जवाब – “हमारी लोकतांत्रिक छवि को खराब करने की साजिश”

भारत ने अमेरिकी संस्था यूएस कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम (USCIRF) की ताजा रिपोर्ट को सख्त शब्दों में खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने रिपोर्ट को “पक्षपाती और गलत तथ्यों पर आधारित” बताते हुए कहा कि यह भारत की बहुसांस्कृतिक और लोकतांत्रिक छवि को धूमिल करने की कोशिश है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “USCIRF की हालिया रिपोर्ट में एक बार फिर पूर्वाग्रह भरा नजरिया अपनाया गया है। भारत 1.4 अरब लोगों का घर है, जहां सभी धर्मों के लोग शांतिपूर्वक रहते हैं। लेकिन USCIRF लगातार हमारी बहुलतावादी संस्कृति को नजरअंदाज कर रहा है।”
उन्होंने आगे कहा, “भारत की लोकतांत्रिक और सहिष्णु छवि को कमजोर करने की ये साजिशें सफल नहीं होंगी। असल में, खुद USCIRF को ‘चिंताजनक संस्था’ घोषित किया जाना चाहिए।”
USCIRF की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 2024 में भारत में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति बिगड़ी है और धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा और भेदभाव बढ़ा है। रिपोर्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर मुस्लिमों व अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ “घृणास्पद बयानबाजी और दुष्प्रचार” फैलाने का आरोप लगाया गया है।
सबसे विवादास्पद आरोप भारत की गुप्तचर एजेंसी ‘रिसर्च एंड एनालिसिस विंग’ (RAW) से जुड़ा है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि RAW विदेशों में सिख अलगाववादियों की हत्या की साजिशों में शामिल रहा है। इसके आधार पर, USCIRF ने RAW पर विशेष प्रतिबंध लगाने और भारत को ‘विशेष चिंता वाले देश’ (Country of Particular Concern) घोषित करने की सिफारिश की है।
भारत ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि देश में धार्मिक स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों की पूरी सुरक्षा है। सरकार का मानना है कि यह रिपोर्ट भारत की वैश्विक छवि खराब करने की सोची-समझी साजिश का हिस्सा है।
वहीं, विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका RAW पर प्रतिबंध लगाने की USCIRF की सिफारिश को लागू नहीं करेगा, क्योंकि यह कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। रिपोर्ट में यह भी स्वीकार किया गया है कि अमेरिका भारत को चीन के बढ़ते प्रभाव के खिलाफ एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार मानता है, इसलिए वह मानवाधिकार के मुद्दों को नजरअंदाज कर सकता है।
भारत ने साफ कर दिया है कि वह एक समावेशी और लोकतांत्रिक देश है, जहां सभी धर्मों के लोग शांति से रहते हैं। सरकार ने USCIRF की रिपोर्ट को भ्रामक और भारत की छवि बिगाड़ने की कोशिश करार दिया है।





