जहाज जब्ती के बाद US-ईरान तनाव चरम पर, शांति वार्ता पर संकट के बादल

Washington DC: अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित दूसरे दौर की शांति वार्ता अनिश्चितता में फंसती नजर आ रही है। पाकिस्तान में इस सप्ताह होने वाली बातचीत से पहले तेहरान ने संकेत दिया है कि मौजूदा हालात में वह इसमें शामिल नहीं हो सकता।
जहाज जब्ती से बढ़ा कूटनीतिक तनाव
तनाव उस समय और बढ़ गया जब United States ने Iran के झंडे वाले एक जहाज को Strait of Hormuz के पास जब्त कर लिया। ईरान ने इस कार्रवाई को युद्धविराम को कमजोर करने वाला कदम बताते हुए इसे दबाव की रणनीति करार दिया है।
“धमकियों के साए में बातचीत नहीं” — गालिबाफ
ईरान के वरिष्ठ नेता Mohammad Bagher Ghalibaf ने साफ कहा कि उनका देश किसी भी तरह की धमकी या दबाव में बातचीत स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि हालात बिगड़ते हैं तो ईरान के पास जवाबी विकल्प तैयार हैं।
युद्धविराम समाप्ति की ओर, बढ़ी अनिश्चितता
दोनों देशों के बीच जारी दो सप्ताह का युद्धविराम अब समाप्ति के करीब है। इस बीच Donald Trump ने संकेत दिया है कि इसे आगे बढ़ाए जाने की संभावना कम है, जिससे स्थिति और संवेदनशील हो गई है।
ट्रंप की सख्त चेतावनी
एक साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि यदि बातचीत में कोई ठोस परिणाम नहीं निकलता, तो हालात गंभीर हो सकते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि युद्धविराम खत्म होने पर बड़े पैमाने पर हमले शुरू हो सकते हैं।
इस्लामाबाद में प्रस्तावित वार्ता पर संशय
पाकिस्तान की राजधानी Islamabad में प्रस्तावित इस बैठक में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के शामिल होने की बात कही गई है। इसमें उपराष्ट्रपति JD Vance, मध्य पूर्व दूत Steve Witkoff और वरिष्ठ सलाहकार Jared Kushner के शामिल होने की संभावना जताई गई है, हालांकि समय को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
मुख्य अड़चनें और आगे का रास्ता
रिपोर्ट्स के अनुसार, वार्ता में सबसे बड़ी बाधा अमेरिका की हालिया कार्रवाई और सख्त सार्वजनिक बयानबाजी है। ईरानी पक्ष का कहना है कि कुछ मुद्दों पर सहमति बन रही थी, लेकिन मौजूदा रुख इस प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। पाकिस्तान के मध्यस्थों ने भी दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और युद्धविराम की समयसीमा के करीब आने के बीच शांति वार्ता का भविष्य अनिश्चित बना हुआ है। आने वाले दिनों में यह तय होगा कि कूटनीतिक प्रयास आगे बढ़ते हैं या





