जनरल NS राजा सुब्रमणि बने नए CDS, सैन्य सुधारों पर रहेगा फोकस

जनरल NS राजा सुब्रमणि ने रविवार को भारत के नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) के रूप में पदभार संभाल लिया। उन्होंने जनरल अनिल चौहान का स्थान लिया, जिनका कार्यकाल शनिवार को समाप्त हुआ।
उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारतीय सशस्त्र बल थिएटराइजेशन (Theaterisation) जैसे बड़े सैन्य सुधारों को आगे बढ़ाने पर काम कर रहे हैं। इसका उद्देश्य भविष्य की चुनौतियों के लिए सेना, नौसेना और वायुसेना के संसाधनों और क्षमताओं को बेहतर तरीके से एकीकृत करना है।
क्या होंगी नए CDS की प्राथमिकताएं
पदभार संभालने के बाद जनरल सुब्रमणि ने कहा कि सशस्त्र बलों में बदलाव की प्रक्रिया को मजबूत करना और तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल होगा।
उन्होंने कहा कि भारतीय सेना में स्वदेशी हथियार प्रणालियों के विकास, शामिल किए जाने और उनके बेहतर एकीकरण की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा।
देश की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्धता
नए CDS ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों ने हमेशा राष्ट्रीय हितों की रक्षा में पेशेवर क्षमता और निर्णायक भूमिका दिखाई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए सेनाएं पूरी निष्ठा, साहस और सम्मान के साथ काम करती रहेंगी।
कौन हैं जनरल NS राजा सुब्रमणि?
जनरल एनएस राजा सुब्रमणि भारत के तीसरे सेना अधिकारी हैं जो CDS बने हैं। उनसे पहले जनरल बिपिन रावत और जनरल अनिल चौहान इस पद पर रह चुके हैं।
उन्होंने खड़कवासला स्थित नेशनल डिफेंस अकादमी (NDA) और देहरादून स्थित इंडियन मिलिट्री अकादमी (IMA) से सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त किया। 14 दिसंबर 1985 को उन्हें 8वीं बटालियन गढ़वाल राइफल्स में कमीशन मिला था।
थिएटराइजेशन पर रहेगा विशेष फोकस
नए CDS से उम्मीद की जा रही है कि वे थिएटराइजेशन कार्यक्रम के तहत संयुक्त सैन्य कमांड के गठन की प्रक्रिया को तेज करेंगे। इस व्यवस्था में सेना, नौसेना और वायुसेना के संसाधनों और ऑपरेशनल क्षमताओं को एक कमांडर के नेतृत्व में लाया जाएगा।
स्वदेशी हथियारों पर जोर
जनरल सुब्रमणि ने साफ किया कि आने वाले समय में स्वदेशी रक्षा प्रणालियों को बढ़ावा देना और उन्हें तेजी से सशस्त्र बलों में शामिल करना उनकी प्रमुख रणनीति का हिस्सा होगा।





