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आधार-पैन कार्ड का इस्तेमाल कर 1.6 करोड़ का लोन फ्रॉड, दिल्ली पुलिस ने पंजाब से आरोपी को पकड़ा

दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे बड़े साइबर फ्रॉड का भंडाफोड़ किया है, जिसमें लोगों की जानकारी चुराकर उनके नाम पर लाखों का कर्ज लिया जा रहा था। इस गिरोह ने अब तक 50 से अधिक लोगों को अपना शिकार बनाया है।

नई दिल्ली: अगर आपको भी बिना वजह लोन रिकवरी के कॉल आ रहे हैं, तो सतर्क हो जाएं। दिल्ली पुलिस ने एक बड़े साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो आधार कार्ड और पैन कार्ड की जानकारी का दुरुपयोग करके लोगों के नाम पर लोन ले रहे थे। पुलिस ने इस मामले में पंजाब से 24 वर्षीय अजय कुमार नाम के एक युवक को गिरफ्तार किया है।

कैसे काम करता था यह गिरोह?

जांच में सामने आया है कि आरोपी और उसके साथी सबसे पहले पीड़ितों के आधार कार्ड से जुड़े मोबाइल नंबर को चुपके से बदल देते थे। इसके बाद, पीड़ितों के आधार और पैन कार्ड की जानकारी का इस्तेमाल करके प्राइवेट फाइनेंस कंपनियों (NBFCs) से लोन लिया जाता था।

ऐसे हुआ खुलासा

यह मामला तब सामने आया जब दिल्ली के एक निवासी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उन्हें लोन रिकवरी एजेंटों के कॉल आ रहे हैं। शिकायतकर्ता को बताया गया कि उसने 4.5 लाख रुपये का पर्सनल लोन लिया है, जबकि उसने कभी कोई ऐसा लोन लिया ही नहीं था। जांच के दौरान पता चला कि किसी ने उनके पैन कार्ड का इस्तेमाल करके यह कर्ज लिया था।

50 लोगों के साथ ठगी

पुलिस की छानबीन में पता चला है कि यह आरोपी अजय कुमार एक बड़े सिंडिकेट का हिस्सा है। अब तक की जांच में करीब 50 ऐसे पीड़ितों की पहचान हुई है, जिनके दस्तावेजों का इस्तेमाल कर 1.6 करोड़ रुपये का फ्रॉड किया गया है।

पुलिस अब इस रैकेट से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है और उन बैंक खातों का पता लगा रही है, जिनमें यह धोखाधड़ी की रकम जमा की गई थी।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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