स्मृति मंधाना ने रचा इतिहास, 300 इंटरनेशनल मैच खेलने वाली सबसे युवा महिला क्रिकेटर

Smriti Mandhana Record: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उपकप्तान स्मृति मंधाना ने इंग्लैंड के खिलाफ ऐतिहासिक लॉर्ड्स टेस्ट में एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। 29 वर्ष 357 दिन की उम्र में उन्होंने अपने 300वें अंतरराष्ट्रीय मैच में उतरकर महिला क्रिकेट इतिहास की सबसे युवा खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया।
यह मुकाबला भारत और इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर खेला जा रहा है, जो महिला टीम का इस ऐतिहासिक मैदान पर पहला टेस्ट मैच भी है।
300 इंटरनेशनल मैच खेलने वाली सबसे युवा महिला खिलाड़ी
स्मृति मंधाना नेseo डी29 वर्ष 357 दिन की उम्र में 300 अंतरराष्ट्रीय मैच पूरे किए। उन्होंने इस मामले में दक्षिण अफ्रीका की सुने लूस (30 वर्ष 163 दिन) और ऑस्ट्रेलिया की एलिस पेरी (33 वर्ष 65 दिन) का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया।
वह 300 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली दुनिया की 12वीं महिला क्रिकेटर भी बन गई हैं।
लॉर्ड्स में 300वां मैच खेलना बताया खास पल
मैच से पहले स्मृति मंधाना ने कहा कि उन्हें एक दिन पहले ही पता चला कि यह उनका 300वां अंतरराष्ट्रीय मैच है।
उन्होंने कहा कि लॉर्ड्स जैसे ऐतिहासिक मैदान पर यह उपलब्धि हासिल करना उनके लिए बेहद खास है।
स्मृति ने कहा कि 2017 महिला विश्व कप फाइनल की यादें आज भी उनके साथ हैं। उस समय उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था और उन्हें नहीं पता था कि दोबारा इस मैदान पर भारत के लिए खेलने का मौका मिलेगा या नहीं।
टी20 विश्व कप से सीख लेकर आगे बढ़ने की बात
स्मृति मंधाना ने कहा कि क्रिकेट में हर खिलाड़ी को अच्छे और बुरे दौर से गुजरना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि चाहे शतक बनाओ या शून्य पर आउट हो जाओ, अगली पारी हमेशा शून्य से ही शुरू होती है। यही सोच टीम को आगे बढ़ाती है और हर मैच में देश के लिए सर्वश्रेष्ठ देने की प्रेरणा देती है।
टेस्ट क्रिकेट की तैयारी पर क्या बोलीं?
स्मृति ने कहा कि रेड-बॉल क्रिकेट के लिए तैयारी टी20 से बिल्कुल अलग होती है।
उन्होंने बताया कि टी20 में तेज रन बनाने की मानसिकता रहती है, जबकि टेस्ट क्रिकेट में धैर्य, तकनीक और लंबे समय तक बल्लेबाजी करना सबसे महत्वपूर्ण होता है। इसलिए उन्होंने तैयारी के दौरान अपनी बल्लेबाजी की बुनियादी तकनीक पर ज्यादा ध्यान दिया।
भारतीय महिला क्रिकेट के लिए बड़ी उपलब्धि
स्मृति मंधाना की यह उपलब्धि भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक और ऐतिहासिक पल मानी जा रही है। पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने तीनों फॉर्मेट में लगातार शानदार प्रदर्शन किया है और टीम की सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में अपनी पहचान बनाई है।
300 अंतरराष्ट्रीय मैचों का यह रिकॉर्ड उनके लंबे, सफल और निरंतर क्रिकेट करियर का एक और महत्वपूर्ण अध्याय है।





