
PM Modi New Zealand Visit: न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन (Christopher Luxon) ने भारत की तेज आर्थिक प्रगति की सराहना करते हुए दोनों देशों के कारोबारियों से व्यापार और निवेश के नए अवसरों का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत का आर्थिक बदलाव पूरी दुनिया के लिए प्रेरणादायक है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो दिवसीय न्यूजीलैंड यात्रा के दौरान आयोजित ‘India-New Zealand: A Winning Partnership’ कार्यक्रम में लक्सन ने यह बात कही।
भारत की आर्थिक उपलब्धियों की सराहना
क्रिस्टोफर लक्सन ने कहा कि वह 1990 के दशक से भारत आते रहे हैं और उन्होंने देश का तेजी से हुआ विकास करीब से देखा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने उल्लेखनीय आर्थिक प्रगति की है।
लक्सन के अनुसार, भारत में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं, जबकि देश का मध्यम वर्ग 44 करोड़ तक पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि दशक के अंत तक यह संख्या 75 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है।
उन्होंने भारत के निम्न आय वाली अर्थव्यवस्था से तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्था बनने के सफर को “प्रेरणादायक” बताया।
इन क्षेत्रों में बढ़ेगा सहयोग
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री ने कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, पर्यटन, शिक्षा और प्रौद्योगिकी को दोनों देशों के बीच सहयोग के प्रमुख क्षेत्र बताया।
उन्होंने न्यूजीलैंड की कंपनियों से भारत के विशाल बाजार को बेहतर ढंग से समझने, स्थानीय साझेदारों के साथ काम करने और भारतीय उपभोक्ताओं की जरूरतों के अनुसार उत्पाद विकसित करने का आग्रह किया।
पीएम मोदी ने निवेश का दिया निमंत्रण
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूजीलैंड के उद्योग जगत को भारत में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि दोनों देश लोकतांत्रिक मूल्यों और सतत विकास के साझा विजन से जुड़े हुए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अप्रैल में हस्ताक्षरित भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता (Free Trade Agreement) दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और प्रतिभा के आदान-प्रदान को नई गति देगा।
रणनीतिक साझेदारी को मिली नई मजबूती
प्रधानमंत्री मोदी और क्रिस्टोफर लक्सन के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता में 18 महत्वपूर्ण परिणामों पर सहमति बनी। दोनों देशों ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी (Strategic Partnership) के स्तर तक बढ़ाने का फैसला किया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापार, निवेश, शिक्षा, तकनीक और इंडो-पैसिफिक सहयोग को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण साबित होगी।





