UNSC Election 2028-29: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सीट के लिए भारत का अभियान शुरू करेंगे एस. जयशंकर

UNSC Election 2028-29: विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S Jaishankar) सोमवार को न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र (UN) मुख्यालय में 2028-29 कार्यकाल के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की अस्थायी सदस्यता के लिए भारत के अभियान की आधिकारिक शुरुआत करेंगे। इस दौरान वह संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से भी मुलाकात करेंगे।
भारत इस अभियान के जरिए वैश्विक निर्णय प्रक्रिया में अपनी भूमिका मजबूत करने और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की अपनी लंबे समय से चली आ रही मांग को एक बार फिर प्रमुखता से उठाएगा।
संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में होगा अभियान का शुभारंभ
विदेश मंत्री एस. जयशंकर न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में भारत की उम्मीदवारी को औपचारिक रूप से लॉन्च करेंगे। इसके बाद वह संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के साथ विभिन्न वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब दुनिया यूक्रेन युद्ध, गाजा संकट और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव जैसी कई बड़ी चुनौतियों का सामना कर रही है।
2028-29 सीट के लिए ताजिकिस्तान से मुकाबला
भारत ने 2028-29 कार्यकाल के लिए एशिया-प्रशांत समूह की एकमात्र अस्थायी सीट पर अपनी दावेदारी पेश की है। इस सीट के लिए भारत का मुकाबला ताजिकिस्तान से होगा।
इस चुनाव के लिए मतदान जून 2027 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में कराया जाएगा।
भारत का संदेश- Peace, Planet, Progress
भारत ने अपनी उम्मीदवारी के लिए #India4UNSC2028-29 अभियान शुरू किया है। इसका मुख्य संदेश “Peace, Planet, Progress” रखा गया है।
भारत का कहना है कि वह वैश्विक शांति, सतत विकास, जलवायु परिवर्तन से निपटने और समावेशी वैश्विक शासन को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
पीएम मोदी ने भी उठाई UNSC सुधार की मांग
हाल ही में इंडोनेशिया की संसद को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि दुनिया की व्यवस्था तेजी से बदल रही है और ऐसे समय में विकासशील देशों को वैश्विक निर्णय प्रक्रिया में समान भागीदारी मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार अब और टाला नहीं जा सकता।
क्यों जरूरी है UNSC में सुधार?
भारत का लंबे समय से मानना है कि 1945 में बनी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद आज की वैश्विक परिस्थितियों का सही प्रतिनिधित्व नहीं करती।
भारत का तर्क है कि केवल अस्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाने से निर्णय लेने की वास्तविक शक्ति में कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा। इसलिए सुरक्षा परिषद के स्थायी और अस्थायी दोनों वर्गों में व्यापक सुधार जरूरी हैं।
यूरोप दौरे पर भी जाएंगे जयशंकर
संयुक्त राष्ट्र में कार्यक्रमों के बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ब्रुसेल्स जाएंगे, जहां वह भारत-यूरोपीय संघ व्यापार एवं प्रौद्योगिकी परिषद (India-EU Trade and Technology Council) की तीसरी बैठक में हिस्सा लेंगे। इस दौरान उनकी यूरोपीय संघ और बेल्जियम के नेताओं के साथ भी द्विपक्षीय वार्ता होगी।
भारत की यह कूटनीतिक पहल वैश्विक मंच पर उसकी बढ़ती भूमिका और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अधिक प्रतिनिधित्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।





