ताज़ा खबरेंभारत

TCS Nashik Case: HR Nida Khan ने मांगी अग्रिम जमानत, जबरन धर्मांतरण और उत्पीड़न के आरोपों से घिरी

Tata Consultancy Services (TCS) के नासिक स्थित BPO यूनिट की HR हेड Nida Khan ने कथित जबरन धर्मांतरण और कार्यस्थल उत्पीड़न मामले में अग्रिम जमानत (anticipatory bail) के लिए अदालत का रुख किया है। उनके वकील के अनुसार, याचिका पर जल्द ही नासिक कोर्ट में सुनवाई हो सकती है।

अब तक क्या कार्रवाई हुई?

इस मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें Danish Sheikh, Tausif Attar, Raza Memon, Shahrukh Qureshi, Shafi Sheikh, Asif Aftab Ansar और Shahrukh Sheikh शामिल हैं। इसके अलावा BPO यूनिट के ऑपरेशंस हेड को भी हिरासत में लिया गया है।

निडा खान पर क्या हैं आरोप?

निडा खान पर आरोप है कि उन्होंने महिला कर्मचारियों की शिकायतों को नजरअंदाज किया और एक पीड़िता को औपचारिक शिकायत दर्ज कराने से हतोत्साहित किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने कथित तौर पर कहा कि “ये चीजें होती रहती हैं” और आरोपियों के पक्ष में झुकाव दिखाया।

TCS प्रबंधन की प्रतिक्रिया

इस मामले पर Natarajan Chandrasekaran ने इसे “गंभीर और चिंताजनक” बताया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच TCS की COO Arathi Subramanian के नेतृत्व में की जा रही है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और जिम्मेदारी तय हो।

जांच में क्या सामने आया?

जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए सहकर्मियों के साथ मानसिक और यौन उत्पीड़न किया। शुरुआती जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि कार्यस्थल पर संगठित तरीके से गलत आचरण किया गया।

कितने मामले सामने आए?

अब तक कुल नौ मामलों की जानकारी सामने आई है। इनमें एक शिकायत एक पुरुष कर्मचारी की ओर से भी दर्ज की गई है, जिसमें जबरन धर्मांतरण और उत्पीड़न की कोशिश का आरोप लगाया गया है।

SIT जांच और आगे की कार्रवाई

इससे पहले, आठ महिला कर्मचारियों की शिकायत के बाद एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। आरोप है कि HR विभाग ने समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की, जिससे मामला और गंभीर हो गया।

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।

One Comment

  1. Hey there! Someone in my Myspace group shared this website with us so I came to give it a look. I’m definitely loving the information. I’m book-marking and will be tweeting this to my followers! Exceptional blog and brilliant design.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button