Fraud and Scamताज़ा खबरेंभारत

‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर ठगी, पनवेल के रिटायर्ड शख्स से 1.55 करोड़ की साइबर ठगी

महाराष्ट्र के Panvel में एक 62 वर्षीय रिटायर्ड व्यक्ति ‘डिजिटल अरेस्ट’ नाम के साइबर फ्रॉड का शिकार हो गया, जिसमें उससे करीब 1.55 करोड़ रुपये ठग लिए गए। ठगों ने खुद को दिल्ली एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) और CBI के अधिकारी बताकर उसे आठ दिनों तक मानसिक दबाव में रखा।

कैसे शुरू हुआ पूरा मामला

घटना 23 मार्च 2026 को शुरू हुई, जब पीड़ित को एक इंटरनेशनल नंबर से व्हाट्सऐप वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को अधिकारी बताते हुए आरोप लगाया कि उसके सिम कार्ड का इस्तेमाल 2025 के दिल्ली बम ब्लास्ट और 2.75 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग केस में हुआ है।

8 दिन तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा

ठगों ने पीड़ित को लगातार वीडियो कॉल पर बनाए रखा और नकली गिरफ्तारी वारंट व RBI के फर्जी दस्तावेज दिखाकर डराया। उन्होंने धमकी दी कि अगर उसने किसी को जानकारी दी तो तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

डर के कारण दी पूरी जानकारी

लगातार दबाव में आकर पीड़ित ने अपने बैंक अकाउंट, सोना और संपत्ति से जुड़ी जानकारी ठगों को दे दी। उसे यह विश्वास दिलाया गया कि यह सरकारी जांच प्रक्रिया का हिस्सा है और बाद में उसे पैसा वापस मिल जाएगा।

कई किश्तों में ट्रांसफर किए पैसे

23 से 31 मार्च के बीच पीड़ित ने अलग-अलग ट्रांजेक्शन में बड़ी रकम ट्रांसफर कर दी। उसे भरोसा था कि जांच पूरी होने के बाद उसे “क्लीन चिट” और पैसे वापस मिल जाएंगे।

ऐसे हुआ ठगी का खुलासा

मामले का खुलासा तब हुआ जब उसे एक फर्जी “एक्सोनरेशन सर्टिफिकेट” लेने के लिए पुलिस स्टेशन बुलाया गया। वहां पहुंचने पर उसे पता चला कि ऐसा कोई केस ही नहीं है, जिसके बाद उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने दर्ज किया केस

Navi Mumbai Police की साइबर शाखा ने इस मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इंस्पेक्टर Vishal Patil इस मामले की जांच कर रहे हैं। पुलिस ने लोगों से ऐसे साइबर फ्रॉड से सतर्क रहने की अपील की है।

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।

3 Comments

  1. I not to mention my friends have been looking through the nice tactics found on your web site then quickly got a terrible feeling I had not thanked the blog owner for those tips. The boys came for that reason happy to see them and have now undoubtedly been tapping into those things. Thank you for simply being so helpful and for picking this form of really good information most people are really desperate to discover. Our honest apologies for not expressing appreciation to you sooner.

  2. Hmm it looks like your blog ate my first comment (it was extremely long) so I guess I’ll just sum it up what I had written and say, I’m thoroughly enjoying your blog. I too am an aspiring blog writer but I’m still new to the whole thing. Do you have any tips for newbie blog writers? I’d certainly appreciate it.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button