Delhi Fire Tragedy: ICU में भर्ती पिता से मिलने आया परिवार खत्म, एक ही परिवार के 8 लोगों की दर्दनाक मौत
मालवीय नगर आग हादसे ने उजाड़ दिया पूरा परिवार

Delhi Fire Tragedy: दिल्ली के मालवीय नगर स्थित हौज रानी इलाके में हुए भीषण होटल अग्निकांड ने एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। गुरुग्राम से अपने बीमार पिता से मिलने दिल्ली आए एक परिवार के आठ सदस्यों की इस हादसे में मौत हो गई। परिवार अस्पताल में भर्ती अपने बुजुर्ग सदस्य का हालचाल जानने आया था, लेकिन कुछ ही घंटों में पूरा परिवार काल के गाल में समा गया।
इस दर्दनाक घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है।
ICU में जिंदगी और मौत से जूझ रहे थे परिवार के मुखिया
जानकारी के अनुसार, गुरुग्राम निवासी 77 वर्षीय राधेश्याम अग्रवाल दिल्ली के मैक्स अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती हैं। डॉक्टरों ने परिवार को उनकी नाजुक स्थिति के बारे में बताया था, जिसके बाद परिजन उनसे मिलने दिल्ली पहुंचे थे।
परिवार ने अस्पताल के नजदीक रहने के लिए मालवीय नगर स्थित एक B&B होटल में कमरे बुक किए थे, ताकि रोजाना अस्पताल आने-जाने में सुविधा हो सके।
हादसे में परिवार के 8 लोगों की मौत
पुलिस के अनुसार, आग में जान गंवाने वालों में चार्टर्ड अकाउंटेंट विवेक अग्रवाल (45), उनकी पत्नी तरजनी अग्रवाल (43), बेटियां जीविशा (20) और वार्या (18), विवेक की मां प्रेमलता (71), चाचा अशोक अग्रवाल, चाची कमला गोयल और उनके पति झावेरी लाल गोयल शामिल हैं।
एक ही परिवार के आठ लोगों की मौत से परिजनों और परिचितों में शोक की लहर है।
आग लगने के बाद परिवार ने मदद के लिए किया था फोन
परिजनों ने बताया कि आग लगने के बाद विवेक अग्रवाल ने फोन कर परिवार के सदस्यों को स्थिति की जानकारी दी थी।
बताया गया कि विवेक चौथी मंजिल पर मौजूद थे। उन्होंने नीचे निकलने की कोशिश की, लेकिन धुआं और आग के कारण रास्ता बंद हो गया। फोन पर उन्होंने बताया था कि पूरा परिवार अंदर फंसा हुआ है और उन्हें तत्काल मदद की जरूरत है।
हालांकि, जब तक राहत और बचाव दल पहुंचा, तब तक काफी देर हो चुकी थी।
रिश्तेदारों ने सुनाई दर्दनाक कहानी
AIIMS पहुंचे विवेक के रिश्तेदारों ने बताया कि परिवार अपने बीमार पिता को अंतिम बार देखने और उनके साथ समय बिताने आया था।
एक रिश्तेदार ने कहा, “जिस व्यक्ति के लिए पूरा परिवार दिल्ली आया था, वह अभी भी अस्पताल के ICU में है, लेकिन उससे मिलने आए परिवार के सदस्य अब इस दुनिया में नहीं रहे।”
परिजनों के अनुसार, हादसे से कुछ घंटे पहले तक परिवार के सदस्य एक-दूसरे से सामान्य बातचीत कर रहे थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उनकी आखिरी बातचीत होगी।
TISS की छात्रा की भी गई जान
हादसे में टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) की छात्रा श्रुतिका बरनवाल की भी मौत हो गई। संस्थान ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
श्रुतिका हाल ही में अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी से जुड़े कार्य के लिए दिल्ली आई थीं।
विदेशी नागरिक भी बने हादसे का शिकार
दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस भीषण आग में कुल 21 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 12 विदेशी नागरिक शामिल हैं। कई अन्य लोग घायल हुए हैं और उनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
जांच जारी, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि होटल में सुरक्षा संबंधी कई खामियां मौजूद थीं। जांच एजेंसियां आग लगने के कारणों और होटल प्रबंधन की जिम्मेदारी की पड़ताल कर रही हैं।
यह हादसा राजधानी में होटलों और गेस्ट हाउसों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
मालवीय नगर का यह अग्निकांड केवल एक हादसा नहीं, बल्कि कई परिवारों के लिए जीवनभर का दर्द बन गया है। ICU में भर्ती पिता से मिलने आए परिवार के आठ सदस्यों की मौत ने पूरे देश को भावुक कर दिया है। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट और जिम्मेदार लोगों पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।





